
‘मन की बात’ में गूंजी सीतामढ़ी की उपलब्धि : सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बेंच निर्माण के नवाचार की प्रधानमंत्री ने की सराहना
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में सीतामढ़ी के अभिनव मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी जिले के लिए आज का दिन गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बना, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में सीतामढ़ी में संचालित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के पुनर्चक्रण (री-साइक्लिंग) से बेंच निर्माण के अभिनव अभियान की सराहना की। प्रधानमंत्री द्वारा इस पहल का उल्लेख किया जाना न केवल जिले के लिए सम्मान का विषय है, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है।
सीतामढ़ी जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण) के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के वैज्ञानिक निस्तारण एवं पुनर्चक्रण की दिशा में एक अभिनव पहल की गई। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुके प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित कर ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को धरातल पर उतारना था।
इस नवाचार की शुरुआत 19 फरवरी 2026 को हुई, जब जिले के बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर, डुमरा एवं रीगा स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों (PWMU) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राय इंडस्ट्री, बक्सर के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के माध्यम से सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बेंच एवं टेबल जैसे जनोपयोगी संसाधनों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इसके बाद जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से पहले चरण में बाजपट्टी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में पूरे जिले से लगभग 11 हजार किलोग्राम सिंगल यूज़ प्लास्टिक का संग्रह किया गया। इनमें से लगभग 4 हजार किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर 85 मजबूत एवं आकर्षक बेंचों का निर्माण कराया गया।
16 जून 2026 को जिलाधिकारी श्री रिची पांडे ने बाजपट्टी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन 85 बेंचों के वितरण का शुभारंभ किया। निर्मित बेंचों को जिले की विभिन्न पंचायतों को उपलब्ध कराया गया, जहां इन्हें पंचायत सरकार भवनों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य जनोपयोगी परिसरों में स्थापित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हुआ, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपयोगी सार्वजनिक संसाधनों का भी सृजन हुआ।
इस मॉडल की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि पुनर्चक्रण के माध्यम से तैयार प्रत्येक बेंच पर सरकार को लगभग ₹2,000 की बचत एवं संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और आर्थिक दक्षता का यह समन्वित मॉडल आज पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बन चुका है।
जिलाधिकारी श्री रिची पांडे के मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में इस अभिनव पहल को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया। ग्रामीण विकास विभाग, सभी संबंधित प्रखंडों, स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों के सक्रिय सहयोग और जनभागीदारी ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।
अब इस अभियान के दूसरे चरण में रुन्नीसैदपुर प्रखंड में 15 अगस्त से लगभग 200 बेंचों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इसके उपरांत चरणबद्ध तरीके से डुमरा एवं रीगा स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों में भी यह कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे जिले में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन का यह मॉडल और अधिक व्यापक रूप ले सके।
प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इस नवाचार की सराहना सीतामढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि यह सम्मान उन सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने जिलेवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए स्वच्छ, हरित एवं प्लास्टिक-मुक्त सीतामढ़ी के निर्माण के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया है।
वही निदेशक एन ई पी ने बताया कि इस कार्य में जीविका दीदियों को जोड़ा जाएगा ।इसमें हर स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है। यह अभिनव प्रयोग आगे चलकर बिहार के सभी जिलों के साथ भारत के सभी जिलों में लागू किया जा सकता है।



