
सीडी रेशियो सुधारने के निर्देश, बैंकों पर डीएम सख्त
साइबर फ्रॉड पर 7 करोड़ का नुकसान, 34% रिकवरी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बैंकिंग व्यवस्था, ऋण वितरण और साइबर सुरक्षा को लेकर अहम समीक्षा की गई।
बैठक में क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो की समीक्षा के दौरान सामने आया कि सरकारी बैंकों का सीडी रेशियो 44.70, निजी बैंकों का 95.56 और कुल वाणिज्यिक बैंकों का 52.32 प्रतिशत है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद से जमा की गई धनराशि के अनुपात में ऋण वितरण भी यहीं किया जाना चाहिए।
डीएम ने कहा कि धन का स्वभाव गतिशील होता है, इसे रुकना नहीं चाहिए। अधिक से अधिक ऋण वितरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं और सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई जाए।
बैठक में एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी ने बैंक सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं और एटीएम पर सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और सुरक्षा गार्ड की अनिवार्यता पर जोर दिया। साथ ही शस्त्रधारी गार्डों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
साइबर फ्रॉड पर जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में बीते एक वर्ष में लगभग 7 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जिसमें से करीब 2.5 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं, जो लगभग 34 प्रतिशत रिकवरी है। उन्होंने साइबर अपराध को “डिजिटल डकैती” बताते हुए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत सूचना देने की अपील की, जिससे “गोल्डन ऑवर्स” में धन वापसी की संभावना बढ़ती है।
एसपी सिटी ने निर्देश दिए कि सभी बैंक शाखाओं में 1930 हेल्पलाइन का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए और ग्राहकों को जागरूक किया जाए। साथ ही बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए संयुक्त बैठक आयोजित करने की बात कही।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उनका निस्तारण तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, अन्यथा जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है। उन्होंने सरकारी योजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, एलडीएम सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

