
अनिल मंद्रूपकर को ‘अटल राष्ट्र सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे : सामाजिक कार्यकर्ता लायन अनिल मंद्रूपकर को देशभर के छह राज्यों में 47 वर्षों तक किए गए उल्लेखनीय सामाजिक कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर का ‘अटल राष्ट्र सेवा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी के हाथों उन्हें यह सम्मान दिया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 50 व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्मृति न्यास, नई दिल्ली द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में स्थापित किया गया है।
मंद्रूपकर ने वर्ष 1979 में गुजरात के मोरबी में आई बाढ़ के पीड़ितों के लिए धन संग्रह कर अपने सामाजिक कार्य की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने युवक बिरादरी, लायंस इंटरनेशनल, वनराई, डॉ. ज्ञानेश्वर मुळे फाउंडेशन, एकलव्य, आशीर्वाद वृद्धाश्रम, स्नेहक्षितिज मेंटल रिहैबिलिटेशन, लेकटाउन सोसायटी, विश्वेश्वर एम्पॉवरमेंट समेत कई सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से लगातार समाज सेवा की।
कमिंस इंडिया में चार दशकों के कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को बनाए रखा। पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्ष 2006 में पुणे में ‘इको फ्रेंड्स’ लायंस क्लब की स्थापना की। स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण, स्वच्छता अभियान तथा ‘3आर’ (रीड्यूस, रीयूज, रीसायकल) सिद्धांत पर आधारित अनेक पहलें संचालित कीं। आर्वी गांव में बनाए गए शौचालय प्रोजेक्ट के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।
ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा और रोजगार में सहयोग, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को समर्थन तथा निरंतर समाज सेवा उनकी पहचान बन चुकी है। इस सम्मान पर मंद्रूपकर ने अपने सभी सहयोगियों, संस्थाओं और मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए ‘विकसित भारत’ के लिए आगे भी कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके अब तक के कार्यों का गौरव है और भविष्य में और अधिक ऊर्जा के साथ समाज सेवा करने की प्रेरणा देता



