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वडगांव क्षेत्र के आरएमसी प्लांट तत्काल हटाए जाएं

वडगांव क्षेत्र के आरएमसी प्लांट तत्काल हटाए जाएं

सांसद प्रा. डॉ. मेधा कुलकर्णी का निरीक्षण; अधिकारियों को लगाई फटकार, कार्रवाई के निर्देश

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र 

पुणे :वडगांव खुर्द क्षेत्र में संचालित आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट संचालकों द्वारा नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण और दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं तथा स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए इन प्लांटों को तत्काल यहां से हटाने की मांग राज्यसभा सांसद प्रा. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने महापौर और पुणे महानगरपालिका आयुक्त से की है।

शनिवार को प्रा. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने सिंहगड रोड स्थित वडगांव खुर्द परिसर में दत्तकृष्णाई मंगल कार्यालय से प्रेयेजा सिटी, मधुकोष सोसायटी, धायरी लेन 17ए तथा फॉर्च्यूनर सोसायटी क्षेत्र में चल रहे अनधिकृत रेडी मिक्स प्लांटों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान प्रेयेजा पुरम सोसायटी के अध्यक्ष गणेश पिंपळे, सचिव एडवोकेट प्रितेश चांडगे सहित पवन मोकाशी, संतोष कुलकर्णी, राजेंद्र पाटील, श्रीमती शर्मिला नाखरे, निलेश घोडके, शेखर लोहोटे, प्रशांत गोहाड, मनीष वैद्य, गिरीश चोरघे, स्वाती टिळक, मंगला ठाकरे, नंदिनी कुलकर्णी, हरिहर घोडके, वासुदेव गोहाड सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्लांट संचालक पर्यावरण एवं सुरक्षा से जुड़े किसी भी नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। प्लांट से निकलने वाला धूल-प्रदूषण, रेडी मिक्स ढोने वाले वाहनों के कारण होने वाली भारी यातायात समस्या और सड़कों पर गिरने वाला सीमेंट स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए सांसद कुलकर्णी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल बुलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने महापौर और आयुक्त से मांग की कि इन सभी अवैध आरएमसी प्लांटों को तुरंत बंद कर उनका अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इन प्लांटों से निकलने वाली सीमेंट की महीन धूल घरों में घुस रही है, जिससे विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सड़कों पर गिरा सीमेंट हवा में मिलकर प्रदूषण को और बढ़ा देता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को चलना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। धूल आंखों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रही है।

निवासियों ने बताया कि इस संबंध में वे लंबे समय से प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पुणे महानगरपालिका, यातायात पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस मार्ग पर प्रेयेजा सिटी, प्रेयेजा पुरम, आर्यन रेसिडेंसी, कल्पवृक्ष सहित कई सहकारी आवासीय सोसायटियां स्थित हैं, जहां हजार से अधिक नागरिक रहते हैं। पहले से ही यह सड़क नांदेड सिटी, मधुकोष और खडकवासला से वारजे, हिंजवडी और मुंबई की ओर जाने वाले भारी यातायात के कारण व्यस्त रहती है, जबकि सड़क की चौड़ाई पर्याप्त नहीं है।

इसके अलावा, प्लांट से जुड़े भारी वाहन तेज गति से चलते हैं। कई बार वाहन चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए या तेज आवाज में गाने बजाते हुए वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। हाल ही में एक दुखद घटना में, प्लांट की ओर जाने वाले मार्ग पर एक महिला पैदल जा रही थी, जिसे एक आरएमसी मिक्सर वाहन ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस प्रकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

नागरिकों की लगातार शिकायतों के बाद सांसद मेधा कुलकर्णी ने इस क्षेत्र का दौरा किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उन्होंने पाया कि कई प्लांट पर्यावरण नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। हालांकि, पहले दो प्लांट बंद किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अन्य प्लांट अब भी चालू हैं, इस पर अधिकारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई बड़े वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं थीं और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर 22 से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना भी बकाया है।

सांसद कुलकर्णी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा जल्द से जल्द इन प्लांटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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