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नल-जल योजनाओं व विद्युत आपूर्ति की समीक्षा, समयबद्ध प्रगति के निर्देश

नल-जल योजनाओं व विद्युत आपूर्ति की समीक्षा, समयबद्ध प्रगति के निर्देश

रिपोर्ट :कुणाल किशोर श्रीवास्तव 

स्थान:सीतामढ़ी,बिहार 

जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में आज परिचर्चा भवन में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, विद्युत विभाग एवं पंचायती राज विभाग की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से पंचायती राज विभाग से पीएचईडी को हस्तांतरित नल–जल योजनाओं की प्रगति, छूटे हुए टोलों में नल-जल योजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की अद्यतन स्थिति, अनुरक्षकों के बकाया मानदेय का भुगतान, योजनाओं के अनुरक्षण एवं रख-रखाव की स्थिति तथा जिले में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन

बृज किशोर पांडेय, डीपीआरओ कमल सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री विशाल, पीएचईडी एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित सभी कनीय अभियंता एवं संबंधित कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

बढ़ते तापमान एवं संभावित जल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने पीएचईडी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर छूटे हुए 716 टोलों में नल-जल योजना के कार्य को तीव्र गति से पूर्ण किया जाए। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि 571 योजनाओं में बोरिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 47 योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया गया है। कार्य की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यपालक अभियंता को चेतावनी दी कि कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाते हुए एडीएम ,आपदा प्रबंधन को संबंधित एजेंसियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी कार्यों का अनुश्रवण कंट्रोल रूम के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए। उन्होंने सभी कनीय अभियंताओं के मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम जनता सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सके।

 

बैठक में बताया गया कि अब तक 684 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है। बैठक में अनुरक्षकों के बकाया मानदेय भुगतान, विद्युत बाधा, भूमि की अनुपलब्धता सहित अन्य समस्याओं की भी समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

 

 

विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लो वोल्टेज की समस्या को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर विद्युत बिल से संबंधित त्रुटियों का त्वरित निराकरण किया जाए। सभी विद्युत अभियंताओं को आम जनता के फोन कॉल का अनिवार्य रूप से जवाब देने एवं समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिले में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही पीएचईडी, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों को सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों एवं टोलों में विशेष अभियान चलाकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया।

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