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सिरसा नदी पुनरुद्धार से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

सिरसा नदी पुनरुद्धार से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा,। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में “एक जनपद एक नदी”, डिजिटल लाइब्रेरी, गौशाला एवं प्राकृतिक खेती को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

बैठक में “एक जनपद एक नदी” योजना के अंतर्गत चिन्हित सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर गुणवत्ता के आधार पर अनुमान तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का सदुपयोग हो तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। सिरसा नदी की कुल लंबाई 53 किलोमीटर बताई गई, जिसमें सैफई क्षेत्र में 8 किमी, जसवंतनगर में 36 किमी तथा बसरेहर क्षेत्र में 9 किमी शामिल है।

डीएम ने निर्देश दिए कि 1 जून से कार्य प्रारंभ किया जाए तथा उससे पूर्व भूमि चिन्हांकन एवं अभिलेख परीक्षण की कार्रवाई पूरी कर ली जाए। उन्होंने तहसील प्रशासन, प्रधानों, लेखपालों एवं ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक कर नदी क्षेत्र की भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। वन विभाग को मानकों के अनुरूप वृक्षारोपण कराने तथा नगर निकायों को नदी में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए बायोरेमेडिएशन, फाइटोरेमेडिएशन एवं फिल्टर चैंबर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

“मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी” अभियान के अंतर्गत 8 तालाबों की सफाई कराए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों के गांवों को भी इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए।

डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा में बताया गया कि 117 स्थानों पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां सामग्री उपलब्ध हो गई है, वहां तत्काल लाइब्रेरी संचालित की जाए तथा सभी स्थानों पर विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्राकृतिक खेती की समीक्षा के दौरान बढ़पुरा के कंधानी, सैफई के बैदपुरा एवं बसरेहर के चौबिया क्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रेरित करने तथा इसे पारंपरिक ज्ञान प्रणाली से जोड़ने पर जोर दिया।

गौशालाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भूसे के बढ़ते दाम भविष्य में चुनौती बन सकते हैं, इसलिए जनपद के सभी चारागाहों में नेपियर घास की बुवाई कराई जाए। उन्होंने गौवंशों के लिए छाया, पेयजल, लू से बचाव, नियमित सफाई एवं टीकाकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, उप निदेशक कृषि आर.एन. सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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