
जल संरक्षण धरा पर जीवन बचाने का अभियान है – कमिश्नर
अधिकारी-कर्मचारी सप्ताह में दो घंटे जल संरक्षण के लिए श्रमदान करें – कमिश्नर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की उच्च प्राथमिकता में जल गंगा संवर्धन अभियान शामिल है। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार सभी विभाग कार्य करें। जल संरक्षण और संवर्धन केवल अभियान नहीं है, यह धरा पर जीवन बचाने का अभियान है। हमने समय रहते जल संरक्षण के सही प्रयास नहीं किए तो भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा। पक्के भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर तथा पेयजल स्रोतों में रिचार्ज पिट बनाकर करोड़ों लीटर पानी का संरक्षण किया जा सकता है। संभाग के सभी जिलों में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण का अभियान चलाएं। इस अभियान में सभी अधिकारी और कर्मचारी हर हफ्ते कम से कम दो घंटे जल संरक्षण कार्यों के लिए श्रमदान करें। अभियान में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों तथा आमजनता का भी पूरा सहयोग लें। सबके सामूहिक प्रयासों से ही जल संरक्षण और संवर्धन का प्रयास सफल होगा। संभागीय अधिकारियों के दल तैनात किए जा रहे हैं। इन दलों के द्वारा जल संरक्षण के कार्यों की निगरानी के साथ इसमें सहयोग दिया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि संभागीय समन्वयक जन अभियान परिषद चिन्हित नदियों की साफ-सफाई तथा जल संरक्षण के लिए जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित कराएं। सभी स्कूलों और कालेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। पानी की टंकियों की साफ-सफाई का भी अभियान चलाएं। अधीक्षण यंत्री पीएचई सभी हैण्डपंपों में रिचार्ज पिट बनाने का अभियान चलाएं। कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा सभी नगरीय निकाय जल संरक्षण के कार्य प्राथमिकता से कराएं। वन विभाग तथा अन्य विभाग आगामी वर्षाकाल में पौधा रोपित करने के लिए अभी से तैयारी करें। कमिश्नर ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान में शेष बचे आवेदन पत्रों का दो दिवस में निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन में अभी भी रीवा और सतना जिले बी ग्रेड में हैं। लंबित आवेदन पत्रों का तत्परता से निराकरण कराएं। सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित आवेदन पत्रों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। आवेदकों से स्वयं संवाद करके आवेदन पत्रों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कराएं। आवेदन पत्र के नॉन अटेंडेंड रहने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध जुर्माने की कार्यवाही करें। वर्तमान सप्ताह की तुलना में यदि आगामी सप्ताह आवेदन पत्रों की संख्या बढ़ती है तो बढ़ी हुई संख्या के अनुपात में संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि ई आफिस में रीवा संभाग संभागीय रैंकिंग में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। सभी फाइलें और पत्र ई आफिस के माध्यम से ही भेजें। अधीनस्थ जिला अधिकारियों को मैहर, मऊगंज और सीधी जिले में ई आफिस व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दें। संयुक्त संचालक कृषि नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। सतना सहित कई जिलों में नरवाई जलाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। संबंधित किसानों के विरूद्ध जुर्माने की कार्यवाही करें। बैठक में कमिश्नर ने पेयजल व्यवस्था, समर्थन मूल्य पर गेंहू उपार्जन, उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण, एचपीवी टीकाकरण तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के संबंध में समुचित प्रबंध के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, एसडीओ वन हितेश खण्डेलवाल तथा सभी संभागीय अधिकारी उपस्थि
त रहे।


