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पुणे में ‘यूनेस्को चेयर’ का उद्घाटन, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

पुणे में ‘यूनेस्को चेयर’ का उद्घाटन, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

रिपोर्ट:विशाल समाचार 

स्थान:पुणे | महाराष्ट्र 

पुणे स्थित सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (SSPU) में ‘जेंडर इंक्लूजन और स्किल डेवलपमेंट’ विषय पर भारत की पहली ‘यूनेस्को चेयर’ की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस चेयर का आधिकारिक उद्घाटन 24 अप्रैल 2026 को केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय में राज्यमंत्री जयंत चौधरी के हाथों किया जाएगा।

यह उद्घाटन SSPU परिसर, किवळे (पुणे) में आयोजित “Women Leading the Future of Work” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया जाएगा, जो यूनेस्को, पेरिस के सहयोग से आयोजित हो रहा है। इस पहल के माध्यम से भारत कौशल-आधारित शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नेतृत्व SSPU की प्रो-चांसलर और यूनेस्को चेयरहोल्डर डॉ. स्वाती मुजुमदार कर रही हैं। वे कौशल विकास नीति की अंतरराष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ हैं और विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

इस यूनेस्को चेयर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) आधारित कौशलों में प्रशिक्षित करना, उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना और कार्यबल में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। यह चेयर एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में कार्य करेगी, जो कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और भविष्य की नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।

सम्मेलन के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही ‘कुशल साथी’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ औद्योगिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिति तटकरे, नॉर्वे की कॉन्सुल जनरल मोनिका नागेलगाड समेत कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे।

गौरतलब है कि SSPU महाराष्ट्र का पहला कौशल विश्वविद्यालय है और इसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 और 2025 में NIRF रैंकिंग में कौशल श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय में ऑटोमोबाइल, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाती है।

यह पहल न केवल भारत में कौशल विकास को नई दिशा देगी, बल्कि महिलाओं को भविष्य के कार्यक्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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