
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लंबित आवेदनों पर जिलाधिकारी सख्त, जांच समिति गठित करने के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, । जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु, उद्योग, रोजगार एवं श्रम विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों और उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक आवेदन संबंधित बैंकों को भेजे जाएं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बैंकवार ऐसे आवेदनों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जो एक माह से अधिक समय से लंबित हैं तथा जो एक माह के भीतर विचाराधीन हैं।
बैठक में निरस्त किए गए आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति आवेदनों का पुनः परीक्षण कर उन्हें निरस्त या स्वीकृत किए जाने के कारणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी मित्रों को निर्देशित किया कि वे पात्र लाभार्थियों को आवेदन प्रक्रिया से लेकर ऋण वितरण तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान करें तथा उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही जिन लाभार्थियों को ऋण मिल चुका है, उनका सत्यापन कर योजना से उनके जीवन में आए बदलावों का विस्तृत विवरण भी तैयार किया जाए।
उन्होंने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि आईटीआई, पॉलीटेक्निक जैसे तकनीकी संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित कर युवाओं को योजना की जानकारी दी जाए और आवेदन भी कराए जाएं। इसके अलावा तहसील एवं विकासखंड स्तर पर जागरूकता शिविर लगाकर आमजन को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए फ्लेक्सी, पंपलेट और अन्य माध्यमों का उपयोग करने पर भी जोर दिया।
अन्य विभागों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करें।
जिला स्तरीय उद्योग बंधु की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यूपीसीडा अधिकारियों को दिबियापुर स्थित प्लास्टिक सिटी में आंतरिक सड़कों के निर्माण, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्लास्टिक सिटी के आवंटियों को हो रही समस्याओं के समाधान के लिए यूपीसीडा के स्थानीय कार्यालय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीसीडा को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
जीबीसी-5 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को उद्यमी मित्रों के माध्यम से निवेशकों से संपर्क स्थापित कर अधिक से अधिक एमओयू कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग, जिला अग्रणी बैंक महाप्रबंधक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रीमा सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता आरईएस सहित उद्योग बंधु और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



