
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर ‘धम्म पहाट’ कार्यक्रम को पुणेकरों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे : तथागत भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के अवसर पर ‘विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक महोत्सव समिति, पुणे’ द्वारा आयोजित ‘धम्म पहाट’ कार्यक्रम को पुणेकरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिसाद दिया। शांति, समानता और भाईचारे का संदेश देने वाले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बुद्ध विचारों का जागरण एक बार फिर देखने को मिला।
इस वर्ष यह कार्यक्रम 20वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस विशेष अवसर पर पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे, उपमहापौर तथा कार्यक्रम के आयोजक परशुराम वाडेकर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति डॉ. पराग काळकर, बार्टी की सुचिता शिंदे, पूर्व नगरसेविका लता राजगुरु, नगरसेवक निलेश आल्हाट, रिपब्लिकन पार्टी के शहराध्यक्ष संजय सोनवणे, रमाई स्मारक के प्रमुख विठ्ठल गायकवाड़, बबन जोगदंड, पूर्व उपमहापौर सुनीता वाडेकर, समिति के सचिव दीपक म्हस्के, मिलिंद अहिरे आदि मान्यवर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में चेतन चोपड़े के नेतृत्व वाले कला दल ने ‘भीमा तुझ्या पाऊल खुणा’ जैसे भीम गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विकास साळवे, स्नेहल प्रधान सहित अन्य कलाकारों ने भी प्रभावशाली साथ दिया। ‘प्रथम नमो गौतमा’, ‘तुज प्रथम हे नमन गौतमा’, ‘अनुसरा शिकवण बुद्धाची’, ‘नमो बुद्धाय म्हणे’, ‘प्रबुद्ध हो मानावा’, ‘पिंपळाच्या पानावर पाहिले चित्र गौतमाचे’, ‘करू भीमाचे चिंतन इथे’, ‘बुद्ध-फुले-आंबेडकर सांगू आम्ही’, ‘भीम भगवान माझ्या झोपडीत शान आहे’ जैसे गीतों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया।
इसके साथ ही राजा शाहू महाराज पर आधारित ‘माझा लोकराजा शाहू’ रैप गीत ने कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई दी। उपमहापौर परशुराम वाडेकर के अनुरोध पर शाहीर वामनदादा कर्डक के गीत ‘पाणी वाढ गं माय’, ‘लई नाय मागत’, ‘भर माझं इवलंसं गाडगं’ की प्रस्तुति ने दर्शकों के दिल को छू लिया।
इस अवसर पर परशुराम वाडेकर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से लगातार ‘धम्म पहाट’ का आयोजन किया जा रहा है। महापौर मंजुषा नागपुरे के सहयोग से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की नई प्रतिमा, रमाई की प्रतिमा और संविधान उद्यान जैसे प्रेरणादायक प्रकल्पों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब कई जगह युद्ध जैसे हालात हैं, भारत में बुद्ध विचारों पर आधारित संविधान के कारण शांति बनी हुई है। दुनिया को शांति का मार्ग दिखाने की शक्ति बुद्ध विचारों में है।
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना से हुई और समापन धम्म पालन गाथा से किया गया। संचालन दीपक म्हस्के और महेश अचिंतवार ने किया।



