
ससून अस्पताल में उत्साह के साथ मनाया गया विश्व थैलेसीमिया दिवस
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
पुणे: Sassoon General Hospital के बाल रोग विभाग में 8 मई को सोफोश सामाजिक संस्था के माध्यम से विश्व थैलेसीमिया दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और प्रतिभा प्रदर्शन कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। साथ ही सहभागी बच्चों को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक Dr. Yallappa Jadhav, मेट्रन श्रीमती केदारी, समाज सेवा अधीक्षक विभाग प्रमुख Dr. Shankar Mugave, संबंधित विभागों के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लगभग 50 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे, सोफोश संस्था के पदाधिकारी तथा बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. यल्लप्पा जाधव और श्रीमती केदारी ने समाज से थैलेसीमिया मरीजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया मरीजों को नियमित रक्त की आवश्यकता होती है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
डॉ. शंकर मुगावे ने थैलेसीमिया बीमारी, उसके उपचार और स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनकल्याण समिति द्वारा 24 हजार नागरिकों के रक्त परीक्षण सर्वेक्षण में लगभग 3 प्रतिशत लोगों में थैलेसीमिया के लक्षण पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा “थैलेसीमिया मुक्त महाराष्ट्र अभियान” चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्यभर के महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार और रक्त जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
डॉ. मुगावे ने कहा कि इस अभियान में सरकार के साथ जनकल्याण समिति और Indian Society of Blood Transfusion and Immunohematology (ISBTI) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने थैलेसीमिया मरीजों के अभिभावकों से समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील करते हुए कहा कि “स्वैच्छिक रक्तदान आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”



