पूणेमहाराष्ट्र

नदी और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी अहम : सतेज पाटील

नदी और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी अहम : सतेज पाटील

व्हाइट टी-शर्ट रिवोल्यूशन’ के नदी सफाई अभियान में पुणेकरों की उत्साहपूर्ण सहभागिता

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे,महाराष्ट्र 

पुणे,। शहर से होकर बहने वाली मुळा-मुठा नदी पुणे की जीवनरेखा है, लेकिन आज इसकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पानी, शुद्ध हवा और प्रदूषणमुक्त शहर देना है तो नदी और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पुणेकरों को जनसहभागिता के माध्यम से मुळा-मुठा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए आगे आना चाहिए। यह विचार पूर्व मंत्री एवं विधायक सतेज पाटील ने व्यक्त किए।

वे शहर में नदी सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘व्हाइट टी-शर्ट रिवोल्यूशन’ द्वारा आयोजित नदी स्वच्छता अभियान के दौरान बोल रहे थे। भिडे पुल के पास मुठा नदी के तट पर आयोजित इस अभियान में शहर के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

अभियान में पूर्व मंत्री यशोमती ठाकूर, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अभय छाजेड, प्रदेश प्रवक्ता गोपाल तिवारी, पूर्व महापौर प्रशांत जगताप, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव श्रीनिवास बी. वी., नगरसेविका अल्पना वर्पे, पूर्व प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष कुणाल राऊत तथा ‘व्हाइट टी-शर्ट रिवोल्यूशन’ के संयोजक ऋत्विक धनवट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

यशोमती ठाकूर ने कहा कि केंद्र सरकार ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन नदियों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। नदियों को स्वच्छ रखने के लिए जनसहभागिता और विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल चर्चा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।

इस अभियान में ग्रीन पाथ रिवोल्यूशन, टुनवाल मोटर्स, ग्रांट मेडिकल फाउंडेशन, रुबी हॉल क्लिनिक, आदर पूनावाला क्लीन सिटी इनिशिएटिव्ह, गुडनोट मीडिया और पुणे हवामान योद्धा जैसी संस्थाओं ने भाग लिया। आकुर्डी स्थित डॉ. डी. वाय. पाटील इंजीनियरिंग कॉलेज, सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स तथा एआयएसएसएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज शिवाजीनगर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विद्यार्थी भी इस अभियान में शामिल हुए।

‘नदी को शब्दों की नहीं, कार्रवाई की जरूरत है’ और ‘नदी फिर से मुस्कुराए, इसके लिए जिम्मेदार बनें’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को नदी संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान नदी किनारे की सफाई की गई तथा प्लास्टिक और अन्य कचरा एकत्र कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों को प्रमाणपत्र और टी-शर्ट भी वितरित किए गए।

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