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संभागीय बैठक के एजेण्डा बिन्दुओं पर कार्यवाही कर प्रतिवेदन दें – कमिश्नर

संभागीय बैठक के एजेण्डा बिन्दुओं पर कार्यवाही कर प्रतिवेदन दें – कमिश्नर

जल गंगा संवर्धन अभियान में सभी अधिकारी भागीदारी निभाएं – कमिश्नर

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा . कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी संभागीय बैठक के एजेण्डा बिन्दुओं पर तत्परता से कार्यवाही करके पोर्टल पर प्रतिवेदन दर्ज कराएं। अधीनस्थ जिला अधिकारियों के माध्यम से समस्त कार्यवाहियाँ सुनिश्चित करें। कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं पर भी सतत कार्यवाही करें। संभाग के सभी जिलों में जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। सभी संभागीय अधिकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जल संरक्षण और संवर्धन हम सबका नैतिक और सामाजिक दायित्व है। जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। आज हमने जल संरक्षण के यदि थोड़े से प्रयास कर लिए तो भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित हो जाएगा। सभी अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन जल संरक्षण और संवर्धन कार्यों में श्रमदान करें।

कमिश्नर ने कहा कि ई आफिस में रीवा संभाग सभी अधिकारियों की सक्रियता के कारण अक्टूबर 2025 से संभागीय रैंकिंग में प्रदेश में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। संभाग और जिलों की सम्मिलित रैंकिंग में रीवा संभाग को टाप फाइव में पहुंचाने के लिए सभी फाइलें और पत्राचार ई आफिस के माध्यम से करें। अधीनस्थ जिला अधिकारियों का फाइल मूवमेंट यदि जीरो रहता है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें। मैहर, मऊगंज और सतना जिलों पर विशेष ध्यान दें। सीएम हेल्पलाइन में भी प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिन विभागों में एक हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं तथा जिनमें सौ दिन से अधिक समय से 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं उन सभी को कारण बताओ नोटिस दें। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें। संभागीय अधिकारी इसकी जिलेवार समीक्षा करके हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

कमिश्नर ने कहा कि अधीक्षण यंत्री पीएचई पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी करें। सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में राइजर पाइप तथा सिंगल फेज मोटर उपलब्ध कराकर इनके उपयोग की मानीटरिंग करें। हर बसाहट में पेयजल की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। सुधार योग्य हैण्डपंप को दो दिन की समय सीमा में सुधारें। नलजल योजनाओं के संचालन और संधारण पर भी सतत निगरानी रखें। बैठक में संयुक्त संचालक पशुपालन ने क्षीरधारा ग्राम योजना की बिन्दुवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना को संभाग के सभी जिलों में तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। योजना के तहत पशुओं के टीकाकरण, दुधारू पशुओं के नस्ल सुधार तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों को गति दी जाएगी। बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, उपायुक्त एलएल अहिरवार, एसडीओ वन हितेश खण्डेलवाल तथा सभी संभागीय अधिकारी उपस्थित

रहे।

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