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मानवता की सेवा का सबसे बड़ा कार्य गौ सेवा और प्राकृतिक खेती है – उप मुख्यमंत्री 

मानवता की सेवा का सबसे बड़ा कार्य गौ सेवा और प्राकृतिक खेती है – उप मुख्यमंत्री 

प्राकृतिक खेती से ही माटी को प्राण और उर्वरा शक्ति मिलेगी – उप मुख्यमंत्री 

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

रीवा . उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्राकृतिक खेती की जागरूकता के लिए कृष्णा राज कपूर आडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने फसलों के अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए फर्टिलाइजर का बहुत अधिक उपयोग किया है, जिसके कारण मिट्टी कठोर और अनुपजाऊ होती जा रही है। इससे मिलने वाली फसल घातक रसायनों से भरी होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है। पर्याप्त अनाज, फल और सब्जी के बावजूद हममें बढ़ती नई बीमारियाँ फसलों में कीटनाशकों और रासायनिक खाद के उपयोग के कारण ही हैं। यदि हमें धरती माता और मिट्टी को बचाना है तो प्राकृतिक खेती ही इसका एकमात्र उपाय है। प्राकृतिक खेती के लिए हमें गौपालन को अपनाना होगा। मानवता की सेवा का सबसे बड़ा कार्य गौ सेवा और प्राकृतिक खेती है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती में शुरू के कुछ वर्षों में उत्पादन कम मिलता है, लेकिन बाद में फसल की गणुवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि होती है। हर किसान अपनी जमीन के छोटे से भाग में प्राकृतिक खेती शुरू करे जिससे उनके परिवार के लिए अनाज और सब्जियाँ मिल सकें। इसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद आप स्वयं ही पूरी जमीन पर प्राकृतिक खेती को अपना लेंगे। रीवा में मेडिकल के क्षेत्र में तेजी से सुविधाएं बढ़ी हैं। कैंसर हास्पिटल में सौ करोड़ की आधुनिकतम मशीनें लगाई जा रही हैं। सुपर स्पशेलिटी हास्पिटल में जटिल आपरेशन हो रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में ध्यान देने के साथ-साथ हमें रोगों के मूल कारण पर भी ध्यान देना होगा। जल जीवन मिशन से हर घर में नल से साफ पानी तथा प्राकृतिक खेती की सुविधा हो जाए तो रोग आधे हो जाएंगे। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य और हिनौती गौधाम में प्राकृतिक खेती के माडल विकसित किए जा रहे हैं। मैंने भी अपनी पाँच एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती शुरू की है। किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण की भी सुविधा है। इस प्रशिक्षण को विकासखण्ड स्तर पर भी दिया जाएगा, जिससे हर गांव का किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ सके। हमें भावी पीढ़ी का जीवन बचाने और अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन व्यावसायिक संस्थान द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री ने संस्थान द्वारा संचालित स्वयंसेवी संस्था समृद्धि सरोज फाउंडेशन का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री ने समारोह में कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एसके त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया। समारोह में समाजसेवी श्री राम सिंह ने प्राकृतिक खेती के महत्व और रीवा जिले में खेती के विकास की जानकारी दी। समारोह में अतिथियों का स्वागत संस्थान के संचालक शैलेन्द्र सिंह पटेल ने किया। समारोह में डॉ. केएस बघेल, डॉ. अजय पाण्डेय डॉ. बृजेश तिवारी, डॉ. संजय सिंह, श्री अखिलेश पटेल तथा अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती की जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

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