
फर्जी अपहरण कांड का इटावा पुलिस ने किया खुलासा, महिला समेत दो गिरफ्तार
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । इटावा पुलिस ने प्रभावी विवेचना, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर कथित अपहरण की फर्जी घटना का खुलासा करते हुए महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आपसी विवाद और मुकदमेबाजी के चलते निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एसओजी/सर्विलांस और थाना लवेदी पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। 27 मई को सरिता पत्नी राजेश कुमार ने थाना लवेदी में शिकायत दर्ज कराई थी कि मेडिकल कॉलेज सैफई से लौटते समय कुछ लोगों ने उसे बहला-फुसलाकर वाहन में बैठाया, नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया और सुनसान स्थान पर छोड़ गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित पुलिस टीम ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच की। जांच में नामजद आरोपियों की घटना स्थल पर मौजूदगी नहीं मिली। साथ ही यह तथ्य सामने आया कि वादिनी और नामजद व्यक्तियों के बीच पूर्व से लेन-देन एवं मुकदमेबाजी का विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि सरिता और अमरपाल यादव ने मिलकर पूर्व नियोजित योजना के तहत झूठी कहानी गढ़ी थी ताकि विरोधी पक्ष को कानूनी परेशानी में डाला जा सके। जांच में नामजद आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
इसके बाद पुलिस ने अभियुक्त अमरपाल यादव को ददौरा-शामला मंदिर के पास से तथा अभियुक्ता सरिता को सैफई क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों की भूमिका सामने आने पर मुकदमे में संशोधन करते हुए नई धाराएं बढ़ाई गईं।
पुलिस ने बताया कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और मिथ्या साक्ष्य तैयार करने के मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



