
औद्योगिक मिथेनॉल के कालेबाजार पर रोक लगाने की मांग, पुणे-पिंपरी दारूकांड के बाद सख्त कार्रवाई की अपील
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
पुणे और पिंपरी-चिंचवड क्षेत्र में सामने आए विषाक्त शराब कांड को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पैसों के लालच में रसायनों का उपयोग कर किया गया “सामूहिक नरसंहार” बताया है।
डॉ. चलवादी ने मांग की है कि औद्योगिक मिथेनॉल के कालेबाजार पर तुरंत रोक लगाई जाए और इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रही अवैध शराब भट्टियों और जहरीली शराब के कारोबार पर प्रशासन को निर्णायक कदम उठाने होंगे।
उन्होंने राज्य के सभी जिलों में मिथेनॉल की बिक्री और भंडारण की विशेष जांच अभियान चलाने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर के आरोपियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस पूरे रैकेट के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
डॉ. चलवादी ने बताया कि अवैध धंधों की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस और आबकारी विभाग को सूचना देकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी प्रमुख रामदास आठवले के निर्देशानुसार ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में देशभर में जहरीली शराब के सेवन से 11,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं महाराष्ट्र में भी पिछले वर्षों में ऐसी घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान गई है।
उन्होंने कहा कि सस्ती और तेज नशे के लिए शराब में मिथेनॉल जैसे खतरनाक औद्योगिक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक हैं। इससे अंधत्व, अंग विफलता और कई मामलों में तत्काल मृत्यु तक हो सकती है।
डॉ. चलवादी ने प्रशासन से अपील की कि अवैध शराब कारोबार पर कड़ी निगरानी के साथ-साथ मिथेनॉल जैसे रसायनों की आपूर्ति और वितरण पर भी स्थायी नियंत्रण प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



