
मुख्यमंत्री सात निश्चय के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में की गई।
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
बैठक में जिलाधिकारी ने सात निश्चय-2 एवं सात निश्चय-3 के तहत संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, किसानों एवं आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। अतः सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने, कौशल विकास कार्यक्रमों को गति देने, महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जल संकट की संभावित स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभाग पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें तथा जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।इस संबंध में पीएचईडी को विशेष निर्देश दिए गए। नल जल की लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया
बैठक में नगर निगम एवं नगर निकायों को निर्देश दिया गया की ठोस एवं तरल कचड़ा प्रबंधन की दिशा में प्रभावी कार्य करना सुनिश्चित करें।
वही लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत घर-घर से कचरा उठाव अभियान की समीक्षा की गई ।समीक्षा के क्रम में पाया गया कि उपयोगिता शुल्क में प्राप्त किए जाने वाले ₹30 प्रति माह की वसूली लगभग न के बराबर है ।इस पर जिलाधिकारी द्वारा खेद प्रकट करते हुए निर्देश दिया गया कि उपयोगिता शुल्क का कलेक्शन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के अंतर्गत स्वच्छ एवं हरित वातावरण, सतत विकास, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, नागरिक सुविधाओं की सुलभ उपलब्धता तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए। सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें। क्षेत्रीय भ्रमण कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करें तथा लाभुकों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त संदीप कुमार के साथ सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


