
सफलता की कहानी
परिवार के पहले शासकीय सेवक बने बाबूलाल, भारतीय सेना में हुआ चयन
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगातार संघर्ष के बल पर युवा अपनी मंजिलों को हासिल कर ही लेते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है रीवा जिले के ग्राम बुसौली नंबर 2 के निवासी बाबूलाल रावत ने। बाबूलाल का चयन भारतीय सेना में हुआ है, जिससे न केवल उनके गांव में बल्कि उनके शिक्षण संस्थान में भी हर्ष का माहौल है। बाबूलाल रावत शासकीय आईटीआई रीवा के इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के छात्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में शामिल होने का उनका यह सफर आसान नहीं था। इस मुकाम तक पहुँचने के लिए उन्होंने पिछले चार वर्षों तक लगातार कड़ा संघर्ष और अथक परिश्रम किया है। आखिरकार उनकी यह तपस्या रंग लाई और उन्हें देश सेवा करने का यह सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।
बाबूलाल के इस चयन से उनका पूरा परिवार गौरवान्वित है। वे अपने पूरे परिवार के पहले ऐसे लड़के हैं, जिन्हें शासकीय सेवा में आने और देश की रक्षा करने का सौभाग्य मिला है। बाबूलाल ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके बहुमूल्य योगदान को दिया है। अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बाबूलाल ने कहा कि भारतीय सेना में चयनित होकर देश की सेवा करना उनके लिए एक बेहद गौरवशाली और सुनहरा मौका है। वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, अनुशासन और सही तौर-तरीकों के साथ निभा
एंगे।

