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सीएचसी सुरसंड में एएनएम का क्षमतावर्द्धन कार्यशाला आयोजित: उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान और फॉलो-अप पर जोर

सीएचसी सुरसंड में एएनएम का क्षमतावर्द्धन कार्यशाला आयोजित: उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (HRP) की पहचान और फॉलो-अप पर जोर

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:सीतामढ़ी बिहार

सुरसंड: मातृ मृत्यु दर (MMR) तथा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं से बचाव के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुरसंड में एक दिवसीय उन्मुखीकरण (Orientation) एवं क्षमतावर्द्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यशाला प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. लालू कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस सत्र में प्रखंड के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों (HSC) से आईं 25 आउटरीच एएनएम (ANM) ने भाग लिया।

उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान और प्रबंधन

बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीड दुर्गा प्रसाद सिंह एवं गांधी फेलो रोशन कुमार गिरि द्वारा तकनीकी व व्यावहारिक विषयों पर विस्तृत क्षमतावर्द्धन सत्र संचालित किया गया।

सत्र के दौरान एएनएम को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy – HRP) के मुख्य संकेतों और उनके ससमय प्रबंधन के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया:

जोखिम लक्षणों की पहचान: गंभीर एनीमिया (खून की कमी), उच्च रक्तचाप (preeclampsia/eclampsia), गर्भावधिय मधुमेह (Gestational Diabetes), कम उम्र या अधिक उम्र में गर्भावस्था, और पूर्व में हुए जटिल प्रसव या सिजेरियन केस।

ससमय रेफरल और ट्रैकिंग: उच्च जोखिम चिन्हित होने पर गर्भवती महिलाओं को सही समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र (CHC/DH) में रेफर करने और लगातार फॉलो-अप करने की प्रक्रिया।

गृह भ्रमण और परामर्श: प्रसव पूर्व जांच (ANC) के दौरान गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को पोषण, संस्थागत प्रसव और आपातकालीन तैयारियों के प्रति जागरूक करना।

अधिकारियों के वक्तव्य

“मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में सामुदायिक स्तर पर तैनात एएनएम की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि गांवों में ही उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान हो जाए, तो अधिकांश जटिलताओं को टाला जा सकता है।”

डॉ. लालू कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), सीएचसी सुरसंड

 

कार्यशाला के दौरान प्रखंड अस्पताल प्रबंधक (BHM) मोहम्मद सदरुद्दीन और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) कृष्णनंदन कुमार ने एएनएम को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच सुनिश्चित करें और एचआरपी पोर्टल पर डेटा की प्रविष्टि समय पर पूर्ण करें।

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