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जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न, विकास योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: सीतामढ़ी बिहार 

जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न, विकास योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

समाहरणालय, सीतामढ़ी | जन संपर्क प्रशाखा | 15 जून 2026

जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान संभावित जल संकट को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) एवं पंचायती राज विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी मरम्मत कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही नल-जल योजना के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

सड़क निर्माण से संबंधित समीक्षा के दौरान आरसीडी को निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। बरसात के मद्देनज़र क्षतिग्रस्त एवं जर्जर सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने तथा लंबित परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण एवं अन्य बाधाओं का शीघ्र समाधान करने पर बल दिया गया। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में आरसीडी, पुल निर्माण निगम लिमिटेड, आरडब्ल्यूडी एवं मनरेगा के अधिकारियों को जिले के सभी पुल-पुलियों का सर्वे कर कमजोर एवं जर्जर पुलों का निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। सभी सीओ को विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सभी महत्वपूर्ण तटबंधों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।

स्ट्रॉम ड्रेनेज योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

सभी बीडीओ एवं बीपीआरओ को नल-जल योजना का सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने तथा उर्वरक की थोक एवं खुदरा दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध लगातार छापेमारी करने तथा अस्पतालों में डॉक्टरों की रोस्टर के अनुसार उपस्थिति की जांच कराने का भी निर्देश दिया गया।

इंडो-नेपाल सीमा से सटे प्रखंडों के चिन्हित गांवों के विकास को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है।

सहयोग शिविरों की समीक्षा के दौरान प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों से आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया।

बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

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