
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में भूमि विवाद, मद्द निषेध एवं खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित
भूमि विवादों का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन के निर्देश
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय की अध्यक्षता में जिले में लंबित भूमि विवादों ,मद्द निषेध एवं खनन टास्क फोर्स की बैठक की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अमित रंजन भी मौजूद थे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रकार के भूमि संबंधित मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सभी अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी को आदेश दिया गया कि वे प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालय में भूमि विवाद समाधान शिविर एवं जनता दरबार का आयोजन करना नियमित रूप से जारी रखें, ताकि लोगों की समस्याओं का स्थल पर ही त्वरित समाधान संभव हो सके। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग इन बैठकों का लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता (राजस्व) को भूमि विभाग से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा (रिव्यू) नियमित रूप से करने तथा उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक आयोजित बैठक की कार्यवाही (प्रोसिडिंग) जिला मुख्यालय को समय पर उपलब्ध कराएँ।
बैठक में जिले में मद्य निषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने मद्य निषेध से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध निरंतर छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही मद्य निषेध कानून के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।
खनन टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिले में अवैध बालू खनन,मिट्टी खनन एवं परिवहन एवं भंडारण के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खनन स्थलों का नियमित निरीक्षण, ओवरलोडिंग की जांच तथा राजस्व क्षति रोकने के लिए संयुक्त जांच अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों—पुलिस, उत्पाद, खनन, परिवहन एवं राजस्व विभाग—को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

