
अपराधियों पर सख्ती के निर्देश, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा लंबित आपराधिक मामलों के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न श्रेणियों के आपराधिक मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के अंतर्गत दर्ज मामलों, पीड़ितों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-1986, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य गंभीर आपराधिक मामलों के निस्तारण की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधी समाज के लिए नासूर हैं और उनके प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध करने वालों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाना प्रशासन और अभियोजन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार महिला एवं बाल सुरक्षा के मामलों को लेकर अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए ऐसे मामलों में न्यायालयों में मजबूत पैरवी कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
उन्होंने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए समन्वय के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखने और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करने के लिए दोषियों को सजा दिलाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने गुण्डा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने तथा लगातार अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में कोई बड़ी आपराधिक घटना न हो।
बैठक में ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के अंतर्गत चिन्हित बड़े अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायपालिका का सहयोग सराहनीय है और जो भी व्यक्ति अपराध करेगा, उसे कानून के अनुसार सजा अवश्य मिलेगी। इससे समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा और अपराधियों में भय का माहौल बनेगा।
इस अवसर पर एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, फौजदारी, पॉक्सो एक्ट, राजस्व, दीवानी एवं गैंगस्टर एक्ट से संबंधित सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


