
जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
जिलाधिकारी सीतामढ़ी, श्री रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से लक्षित लाभुकों तक पहुँचना चाहिए तथा कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रखंड स्तरीय विधि-व्यवस्था समन्वय समिति एवं प्रखंड स्तरीय विकास समन्वय समिति की बैठक नियमित एवं अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए तथा बैठक की कार्यवाही समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान उन्होंने प्रखंडवार बैठकों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संभावित जल संकट एवं मानसून अवधि को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता, नल-जल योजनाओं की कार्यशीलता, कृषि फीडर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति तथा सामान्य विद्युत व्यवस्था का आकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की पूर्व तैयारी रखने का भी निर्देश दिया गया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं निगरानी के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा से सटे प्रखंडों एवं पंचायतों में डीजल एवं पेट्रोल की बिक्री पर सतत निगरानी रखी जाए। इसके अतिरिक्त उर्वरक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच एवं छापामारी अभियान चलाकर निर्धारित दर एवं गुणवत्ता की सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में सीमावर्ती बाजारों एवं पंचायतों में संचालित दवा दुकानों के स्टॉक सत्यापन, औषधियों की उपलब्धता तथा वैध लाइसेंस संबंधी जांच नियमित रूप से कराने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़े प्रतिष्ठानों की निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
आगामी बाढ़ मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को बाढ़ पूर्व तैयारियां हर स्तर पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत सामग्री की उपलब्धता, नावों की तैयारी, तटबंधों की निगरानी, आश्रय स्थलों की व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता ,राजस्व संजीव कुमार ,विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


