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जिलाधिकारी महोदय ने वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता पर दिए कड़े निर्देश

जिलाधिकारी महोदय ने वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की, पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता पर दिए कड़े निर्देश

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में वृहद वृक्षारोपण अभियान, गंगा समिति तथा पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों, पर्यावरण संरक्षण तथा गंगा एवं यमुना नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि 01 से 07 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जा रहा है शासन द्वारा 12 जुलाई को बड़े स्तर पर वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें 55 लाख पौधे लगाए जाएंगे तथा जनपद का लगभग 60 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। जनपद के सभी विभागों को उनके लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग तत्काल स्थल चयन कर गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय में वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। यह केवल औपचारिकता न हो।

उन्होंने पर्यावरण विभाग को निर्देशित किया कि ईंट-भट्टों पर ट्री गार्ड सहित पौधरोपण कराया जाए तथा भट्ठा संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें अभियान से जोड़ा जाए। भट्ठों पर विशेष रूप से इमली एवं पाकड़ के पौधे लगाए जाएं। प्रत्येक विभाग अपने-अपने वृक्षारोपण स्थलों का चयन कर समय से तैयारी पूर्ण करे।

जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक सड़क को वृक्षारोपण के लिए विकसित किया जाए। लोक निर्माण विभाग यह सुनिश्चित करे कि सड़क किनारे लगाए जाने वाले सभी पौधे ट्री गार्ड से सुरक्षित हों। नगर क्षेत्र में गुलमोहर, ग्राम पंचायतों की आबादी के किनारे अमरदास तथा सहजन सहित स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी पौधों का रोपण किया जाए। सिंचाई विभाग नहरों के किनारे अर्जुन एवं जामुन के पौधों का रोपण कराए। सभी विभाग समय रहते गड्ढा खुदाई एवं अन्य तैयारियां पूर्ण कर लें।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार नगर क्षेत्र में मियावाकी (Miyawaki) तकनीक पर आधारित एक घना शहरी वन विकसित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न ऊंचाई एवं प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे कम क्षेत्र में अधिक हरित आवरण विकसित हो सके।

डीएफओ महोदय ने कहा कि जो भी व्यक्ति अथवा विभाग पौधे प्राप्त करे, वह उन्हें सुरक्षित रूप से ट्री गार्ड सहित लगाए तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करे।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बनेगा। यदि कुछ माह तक उसकी देखभाल कर दी जाए तो वह जीवनभर ऑक्सीजन एवं पर्यावरण संरक्षण का आधार बनता है।आज हम जिस ऑक्सीजन पर जीवन जी रहे हैं, उसकी निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। वृक्ष हमारे लिए प्रकृति का सबसे बड़ा वरदान हैं।

बैठक में जैव चिकित्सा अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट) के प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने जसवंतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पताल परिसर में फैली गंदगी एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी एमआरएफ (Material Recovery Facility) सेंटर संचालित कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने इकदिल रीतौर मार्ग पर लगभग डेढ़ किलोमीटर तक सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। संबंधित निकाय एवं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम सैफई डिपो को सड़क किनारे कूड़ा फेंकने से रोकने तथा उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

गंगा समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि किसी भी दशा में बिना शोधन का सीवेज अथवा अन्य प्रदूषित जल यमुना नदी में प्रवाहित न होने पाए। उन्होंने जल निगम आगरा द्वारा संचालित एसटीपी के संचालन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना प्रबंधक यमुना प्रदूषण नियंत्रण ईकाई को फटकार लगाई। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना प्रबंधक सहित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा सभी एसटीपी का नियमित एवं प्रभावी संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बैदपुरा क्षेत्र स्थित मदर डेयरी द्वारा नदी क्षेत्र में कूड़ा डाले जाने की शिकायत पर पर्यावरण विभाग को तत्काल नोटिस जारी करने तथा प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, सामाजिक निदेशक वानिकी विकास नायक, नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद परियोजना प्रबंधक यमुना प्रदूषण नियंत्रण ईकाई आर0पी0 सिंह सहित समस्त संबंधित अधिकारीगण उपस्थिति रहे।

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