
विशेष बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन रहा है ‘साहस फाउंडेशन’
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे |महाराष्ट्र
समाज में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अक्सर दया की दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर यही बच्चे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरा जीवन जी सकते हैं। इसी सोच को साकार करते हुए ‘साहस फाउंडेशन’ पिछले नौ वर्षों से विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
वर्ष 2017 में सामाजिक कार्यकर्ता सतीश खराडे द्वारा स्थापित साहस फाउंडेशन एक पूर्णतः गैर-लाभकारी संस्था है, जो पुणे और मुंबई क्षेत्र के सैकड़ों विशेष बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य विशेष बच्चों को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा जीवन कौशल के माध्यम से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।
संस्था की 35 सदस्यीय समर्पित टीम विशेष बच्चों के घर-घर जाकर उन्हें शारीरिक फिटनेस, शरीर का संतुलन एवं समन्वय, खेल कौशल, दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता तथा सामाजिक व्यवहार से संबंधित नियमित प्रशिक्षण प्रदान करती है। संस्था का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा भविष्य में अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम बने और अभिभावकों पर उसकी निर्भरता कम हो।
विशेष बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए साहस फाउंडेशन समय-समय पर ट्रेकिंग, फील्ड ट्रिप, साहसिक गतिविधियां, खेल प्रतियोगिताएं, समूह गतिविधियां और विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। वर्तमान में संस्था में 100 से अधिक विद्यार्थी नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि 500 से अधिक परिवारों को मार्गदर्शन, परामर्श और विभिन्न प्रकार का सहयोग प्रदान किया जा चुका है।
इस सामाजिक अभियान में सह-निदेशक मयूर लोणकर, तकनीकी प्रमुख एकनाथ पाडेकर, सचिव वैभव गायकवाड, विशेष शिक्षिकाएं सोनाली अहिरे एवं सुचेता पवार सहित साहस फाउंडेशन की पूरी टीम निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दे रही है।
संस्था के संस्थापक एवं निदेशक सतीश खराडे ने कहा कि, “विशेष बच्चों में असीमित क्षमता होती है। उन्हें केवल सही दिशा, निरंतर प्रशिक्षण और समाज की स्वीकृति की आवश्यकता है। प्रत्येक विशेष बच्चे को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर मिले, यही साहस फाउंडेशन का उद्देश्य है और इसी दिशा में हमारा निरंतर प्रयास जारी है।”

