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किसानों की सहमति से ही लागू होगा पवना डायरेक्ट पैरेलल जलवाहिनी प्रोजेक्ट: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

रिपोर्ट ;विशाआल समाचार

स्थान: मुंबई महाराष्ट्र

मुंबई,। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि पिंपरी-चिंचवड़ शहर की भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित पवना डायरेक्ट पैरेलल जलवाहिनी परियोजना को किसानों की सहमति, विश्वास और संवाद के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा। किसानों की भावनाओं और सुझावों का पूरा सम्मान करते हुए ही परियोजना से जुड़े सभी निर्णय लिए जाएंगे।

 

विधानभवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय किसानों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित शासकीय विभागों के साथ व्यापक चर्चा और समन्वय के माध्यम से परियोजना से जुड़े सभी मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को जनता का विश्वास जीतकर आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए जल संसाधनों का दीर्घकालिक एवं वैज्ञानिक प्रबंधन आवश्यक है। यदि समय रहते जल संरक्षण और जल उपयोग की प्रभावी योजना नहीं बनाई गई तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ शहर के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार किसानों से संवाद कर उनकी सभी उचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही संबंधित विभागों को किसानों से किए गए वादों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।

 

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से परियोजना को लेकर सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों की चुनौतियों का भार वर्तमान पीढ़ी पर नहीं डाला जा सकता और मजबूत आधार तैयार किए बिना कोई भी विकास परियोजना सफल नहीं हो सकती।

 

बैठक में मुख्यमंत्री ने पिंपरी-चिंचवड़ सहित पूरे पुणे महानगर क्षेत्र के लिए वर्ष 2050 तक का दीर्घकालिक जल प्रबंधन रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बढ़ती आबादी, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं, नए जल स्रोतों के विकास तथा उपलब्ध जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए समन्वित योजना बनाने पर जोर दिया। साथ ही उपचारित अपशिष्ट जल (ट्रीटेड वॉटर) के पुनः उपयोग को बढ़ावा देकर पेयजल पर दबाव कम करने के निर्देश भी दिए।

 

बैठक में पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि पवना बांध से सेक्टर-23, निगड़ी स्थित जल शोधन केंद्र तक प्रस्तावित यह परियोजना शहर को प्रदूषणमुक्त, सुरक्षित और सतत जलापूर्ति उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में लगभग 38 लाख आबादी वाले पिंपरी-चिंचवड़ को प्रतिदिन करीब 650 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक शहर की आबादी 55 लाख, 2041 तक 95 लाख और 2051 तक 1.35 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिसके अनुरूप जल की मांग भी कई गुना बढ़ेगी। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

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