कोटक महिंद्रा बैंक ने लॉन्च किया ‘हौसला 2.0’, सपनों को देगा नई उड़ान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
मुंबई: कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने ब्रांड अभियान ‘हौसला 2.0’ की शुरुआत की है, जो 2025 में शुरू हुए ‘हौसला है तो हो जाएगा’ अभियान का दूसरा चरण है। यह अभियान इस सोच पर आधारित था कि आज का भारत बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की इच्छा रखने वाला देश बन चुका है। अलग-अलग शहरों, पेशों और पीढ़ियों के लोग पहले से कहीं बड़े लक्ष्य तय कर रहे हैं और नई संभावनाओं के बारे में सोच रहे हैं।
‘हौसला 2.0’ का संदेश है कि केवल बड़े सपने देखना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए हिम्मत और दृढ़ विश्वास भी जरूरी है। कोटक का मानना है कि लोगों को बड़े सपनों की नहीं, बल्कि उन सपनों को सच करने के लिए पहला कदम उठाने का साहस चाहिए। यही ‘हौसला’ सपनों और उन्हें पूरा करने के बीच की कड़ी है।
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कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट, हेड-बिजनेस बैंकिंग और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रोहित भसीन ने कहा, “कोटक का उद्देश्य बड़े सपने देखने वाले लोगों और उद्यमियों का साथ देना है। हम ऐसे साहसी फैसलों और विकास की योजनाओं को समर्थन देना चाहते हैं, जिनमें कुछ नया और बड़ा करने की क्षमता हो। भारतीय अपने बड़े विचारों और सपनों को हकीकत में बदलना चाहते हैं, लेकिन कई बार पहला कदम उठाने से पहले हिचकिचा जाते हैं। हम चाहते हैं कि लोग उस झिझक को पीछे छोड़ें और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें। अगर आपका सपना बड़ा है, तो उसे साकार करने में हम आपके साथ हैं।”
कार्टव्हील क्रिएटिव कंसल्टेंसी के सीईओ रामकृष्ण देसिराजू ने कहा, “आज भारत में बड़े सपने और महत्वाकांक्षा की कोई कमी नहीं है। लेकिन उन्हें हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ विश्वास और पहला कदम उठाने की हिम्मत चाहिए। अक्सर लोग जानते हैं कि उन्हें क्या करना है, लेकिन फैसला लेने के समय हिचकिचा जाते हैं। ‘हौसला 2.0’ इसी सोच पर आधारित है कि असली प्रगति तब शुरू होती है, जब लोग झिझक छोड़कर कदम उठाते हैं।”
कोटक का मानना है कि आज भारत के लोग बड़े स्तर पर निर्माण और कारोबार करना चाहते हैं। वे ऐसे उत्पाद देश में ही बनाना चाहते हैं, जिन्हें अभी विदेशों से आयात किया जाता है या यहां केवल असेंबल किया जाता है। इससे आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था से मिलने वाले नए अवसरों का भी बेहतर लाभ उठाया जा सकेगा।


