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ई-रिक्शा की आड़ में लूट का आरोप! युवती से मारपीट, डायल 112 की मौजूदगी में भी आरोपी फरार होने का दावा, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

ई-रिक्शा की आड़ में लूट का आरोप! युवती से मारपीट, डायल 112 की मौजूदगी में भी आरोपी फरार होने का दावा, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:आगरा,उत्तर प्रदेश 

आगरा। आगरा में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। सुरेरा गांव, जनपद आगरा निवासी विनीता तोमर ने आरोप लगाया है कि वह अपने परिचित शिवा और आंशिक के साथ किसी निजी कार्य से शहर आई थीं। शाम करीब 7 बजे रामबाग स्थित वाटर बॉक्स चौराहे के पास ई-रिक्शा से जुड़े कुछ लोगों ने उनके साथ विवाद किया। विरोध करने पर कथित रूप से मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन तथा नकदी छीन ली गई।

पीड़िता के अनुसार, शोर-शराबा होने पर स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और डायल 112 पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की पीआरवी भी मौके पर पहुंच गई। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आरोपी मौके से निकल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डायल 112 की गाड़ी घटनास्थल पर दिखाई दे रही है। इसी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

पीड़िता का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद पुलिस तत्काल सख्ती दिखाती तो आरोपी को भागने का मौका नहीं मिलता। इतना ही नहीं, पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के निकल जाने के बाद पुलिस ने उसे ही चौकी चलने के लिए कहा। इस पर पीड़िता और उसके परिजनों ने सवाल उठाया कि जब आरोपी फरार हो चुका था, तब पुलिस की पहली प्राथमिकता उसे पकड़ना होनी चाहिए थी या पीड़िता को चौकी ले जाना?

घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़िता ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, इस पूरे मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनास्थल पर पुलिस की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप थी या नहीं, और आरोपी पुलिस की मौजूदगी के बावजूद किस परिस्थिति में फरार हुआ।

(यह समाचार पीड़िता व उसके परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच और आधिकारिक पक्ष आने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)

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