
क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक के लिए मजबूत इकोसिस्टम जरूरी: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे,महाराष्ट्र
पुणे, । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक तकनीक दुनिया में तेजी से तकनीकी क्रांति ला रही है। ऐसे में इन आधुनिक तकनीकों के अनुरूप मजबूत और समावेशी इकोसिस्टम विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत और महाराष्ट्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ना है तो इन क्षेत्रों में तेजी से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब एंड फ्रंटियर टेक इंस्टीट्यूट’ विषयक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
फडणवीस ने बताया कि वर्ष 2024 में क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक का वैश्विक बाजार लगभग 2 से 3 ट्रिलियन डॉलर का था, जो अगले पांच वर्षों में बढ़कर 16 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक उद्योग, व्यापार और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को प्रभावित करेगी, इसलिए भारत को इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनना होगा।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के फ्रंटियर टेक्नोलॉजी इंडेक्स में भारत फिलहाल 36वें स्थान पर है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में देश ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब जरूरत इन प्रयासों को संस्थागत रूप देने की है, ताकि विकास की गति और तेज हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को वित्त, तकनीकी क्षमता और कौशल की कमी के कारण आधुनिक तकनीकों का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इसके लिए साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए फ्रंटियर टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाली समर्पित संस्था की आवश्यकता है। राज्य सरकार इस दिशा में आवश्यक निवेश करने के लिए तैयार है। ‘मित्रा’ संस्था के माध्यम से अगले दो से तीन वर्षों में 5,000 क्वांटम कंप्यूटिंग प्रशिक्षकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
फडणवीस ने बताया कि मुंबई में विकसित की जा रही इनोवेशन सिटी परियोजना और फ्रंटियर टेक इंस्टीट्यूट एक-दूसरे के पूरक होंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने क्वांटम कंप्यूटिंग, अनुसंधान, उद्योग और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।


