
पुणे 2030 तक बनेगा देश का ‘ग्रोथ इंजन’, तीन एलिवेटेड रोड परियोजनाओं से मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत: मुख्यमंत्री फडणवीस
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2030 तक पुणे देश का प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ और अत्याधुनिक तकनीक (डीप टेक) व ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती यातायात समस्या को दूर करने के लिए पुणे-शिरूर, तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर और हडपसर-यवत एलिवेटेड रोड परियोजनाओं को गति दी गई है।
गणेश कला क्रीड़ा मंच में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तीनों परियोजनाओं का भूमि पूजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा और भविष्य में इन्हीं एलिवेटेड मार्गों पर मेट्रो चलाने की योजना भी बनाई गई है। इससे मेट्रो निर्माण लागत में लगभग 40 प्रतिशत तक बचत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य दो वर्षों में 173 किलोमीटर बाहरी और 86 किलोमीटर आंतरिक रिंग रोड का निर्माण पूरा करना है, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम करीब 30 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 50 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नए सड़क एवं मेट्रो विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि तीनों एलिवेटेड रोड परियोजनाएं पुणे की ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को काफी हद तक कम करेंगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग कर इन परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश भी दिए।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि ये परियोजनाएं पुणे के विकास के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होंगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, माल परिवहन तेज होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
तीनों परियोजनाओं की प्रमुख विशेषताएं
पुणे-शिरूर एलिवेटेड रोड: लगभग 54 किमी लंबा मार्ग, यात्रा समय 1.5–2 घंटे से घटकर 45–50 मिनट होगा।
हडपसर-यवत कॉरिडोर: लगभग 31.5 किमी लंबा मार्ग, पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और रिंग रोड से बेहतर कनेक्टिविटी।
तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर कॉरिडोर: लगभग 53 किमी लंबा मार्ग, चाकण औद्योगिक क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्गों से तेज संपर्क, जिससे उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।


