
इटावा में डेवलपमेंट प्लान विषयक 01 दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में किया गया।
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा मुख्य विकास अधिकारी, अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान अंतर्गत जनपद इटावा के जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति सदस्यगणों, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी (पं0) का पंचायत डेवलपमेंट प्लान विषयक 01 दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा उपस्थित सभी प्रशिक्षण संबंधित अधिकारियों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार की जाने वाली एक सहभागी विकास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्राम सभा के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से गांव की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर विकास कार्यों का चयन किया जाता है, जिससे गांव में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो तथा सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने बताया कि जीपीडीपी ग्राम सभा की बैठकों एवं विभिन्न हितधारकों की सहभागिता से तैयार की जाती है, जिससे प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं को योजना में समुचित स्थान मिल सके। योजना के अंतर्गत सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं, स्थानीय संसाधनों एवं अन्य वित्तीय स्रोतों का प्रभावी समन्वय कर ग्राम पंचायत के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि जीपीडीपी केवल वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गांवों के सतत विकास का आधार भी तैयार करती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बाल संरक्षण, कृषि, राजस्व, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, उद्यान, जल निगम, शिक्षा, पशुपालन, लघु सिंचाई, सामाजिक वानिकी, श्रम, खाद्य एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण सहित विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ ग्राम पंचायतों की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना को नौ प्रमुख विषयों के आधार पर तैयार किया जाता है। इनमें गरीबी मुक्त गांव की परिकल्पना के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, स्वस्थ गांव के अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पोषण को बढ़ावा देना, बाल-अनुकूल गांव के माध्यम से बच्चों के अधिकारों एवं उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना तथा पर्याप्त जल उपलब्ध कराते हुए प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना शामिल है। इसके अतिरिक्त स्वच्छ एवं हरित गांव की अवधारणा के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को प्रोत्साहित किया जाता है, जबकि आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे के अंतर्गत सड़क, विद्युत, संचार एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दिया जाता है।
मुख्य विकास अधिकारी ने आगे बताया कि सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव की अवधारणा के अंतर्गत महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सुशासन के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने तथा महिला-अनुकूल गांव के निर्माण हेतु महिलाओं के सशक्तीकरण एवं उनके अधिकारों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना का मूल उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, स्वच्छ एवं विकसित बनाना है। इसके लिए ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में समग्र एवं सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
उप निदेशक पंचायत कानपुर मण्डल कानपुर द्वारा विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
उक्त बैठक के दौरान जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, पी0डी0 अनिल कुमार सिंह, ए0एम0ए0 जिला पंचायत स्वाती जैन, जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, पिछला वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।



