
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 के लिए गुणवत्तापूर्ण परियोजना रिपोर्ट तैयार करें : डॉ. जितेंद्र पापळकर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे/नासिक। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–जलागम विकास घटक (PMKSY-WDC) 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य का कोई भी क्षेत्र उपचार से वंचित न रहे, इसके लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम प्राथमिक परियोजना प्रतिवेदन (PPR) तैयार करना आवश्यक है। यह बात महाराष्ट्र के मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के सचिव डॉ. जितेंद्र पापळकर ने नासिक में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही।
वसुंधरा जलागम विकास यंत्रणा, पुणे की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मृदा एवं जल संरक्षण विभाग तथा जिला परिषदों के कार्यकारी अभियंताओं को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
डॉ. पापळकर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, वर्षा, जल संरक्षण क्षमता, भूजल पुनर्भरण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्यों की सूची बनाने के बजाय वैज्ञानिक विश्लेषण और तकनीकी गुणवत्ता पर आधारित रिपोर्ट तैयार करने से योजना के उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे होंगे।
उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि राज्य का कोई भी पात्र क्षेत्र योजना के दायरे से बाहर न रहे।
कार्यशाला का शुभारंभ जल पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की आयुक्त प्रतिभा इंगळे, महाराष्ट्र जल संरक्षण महामंडल के प्रबंध निदेशक विजय देवराज, सह सचिव सुशीला यादव, मुख्य अभियंता नितीन दुसाने, एमएसआरडीसी के सलाहकार पी.एल. बोंगीरवार, उप सचिव पी.के. जाधव, मृदुला देशपांडे तथा वसुंधरा जलागम विकास यंत्रणा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलाकर रणदिवे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में PMKSY-WDC 3.0 के तहत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के प्रारूप, तकनीकी पहलुओं और जल संरक्षण से जुड़े नवाचारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि यह कार्यशाला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य में शत-प्रतिशत क्षेत्रीय उपचार के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।


