
लोकशायर अन्नाभाऊ साठे जयंती महोत्सव धूमधाम से संपन्न, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
लोकशायर अन्नाभाऊ साठे की जयंती के अवसर पर रामोशी गेट स्थित श्रीमती सावित्रीबाई फुले प्रशाला में भव्य जयंती महोत्सव का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों औकी उपस्थिति में अन्नाभाऊ साठे के साहित्य, समाजसेवा और संघर्षपूर्ण जीवन को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके बाद आयोजित सुप्रसिद्ध गायक चंदन कांबळे के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
नगरसेवक विवेक महादेव यादव के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री दिलीप कांबळे, नगरसेवक निलेश आल्हट, नगरसेविका मृणालिनी कांबळे, महेश सकट, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) पुणे शहर अध्यक्ष संजय सोनवणे, संतोष यादव, संदीप धांडोरे, राज पुरोहित, संदीप लडकत, पूर्व नगरसेवक लक्ष्मण आरडे, बंडूजी यादव, चरणमोहन यादव, महेश चंदन, सुधीर जानजोत, राजेंद्र काकड़े, देवेंद्र वडके, सोनूभाऊ निकाळजे, अविनाश मोरे, शंशाक माने, अमित मते, रोहित ओझरक, नितीन भुरेवार, सूरज कांबळे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अन्नाभाऊ साठे के साहित्य, लोकशाहीरी और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि अन्नाभाऊ साठे ने गिरणी मजदूरों और वंचित समाज के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया और सामाजिक न्याय की आवाज़ बुलंद की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायक चंदन कांबळे ने “येडाई माझा जीव गं जीव” सहित अन्नाभाऊ साठे की शाहिरी परंपरा से जुड़े कई गीत प्रस्तुत किए। “महाराष्ट्र की मिट्टी में गूंजता है अन्नाभाऊ का नाम”, “आला आला सांगावा फड़कता भगवा”, “माझा लहुजी सरदार” तथा “जा जग को बता, मेरे पिता भीमराव रामजी आंबेडकर” जैसे गीतों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जोश और उत्साह से भर दिया। अजय क्षीरसागर, ज्ञानेश्वरी कांबळे और अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम का संचालन दीपक म्हस्के ने किया।



