
इटावा: पर्यावरण संरक्षण पर सख्त हुए डीएम, बंद एसटीपी और एमआरएफ केंद्रों पर जताई नाराजगी
नदियों में प्रदूषण रोकने, कचरा प्रबंधन सुधारने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, नदियों के पुनरुद्धार, ठोस एवं जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान करनपुरा स्थित 10.44 एमएलडी और मौजा उमरैन स्थित 13.5 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को अगले दो माह तक प्रतिदिन एसटीपी संचालन की फोटो और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर उनकी बिजली और जलापूर्ति बंद करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्यों में तेजी लाने, एमआरएफ केंद्रों को तत्काल संचालित करने, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बल्ब अपशिष्ट फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सैफई मेडिकल विश्वविद्यालय के कूड़ा प्रबंधन में सुधार के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
