इटावाउत्तर प्रदेशप्रशासन

जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में स्थानीय निकायों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों द्वारा संचालित विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, निर्माण कार्यों, नगर सौंदर्यीकरण, जलभराव की समस्या, सार्वजनिक शौचालयों के संचालन, राजस्व प्राप्ति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा यूजर चार्ज की नियमित वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपदवासियों से अपील की कि निर्धारित यूजर चार्ज का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से समय पर करें, जिससे नगर निकायों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए तथा एकत्रित कूड़े का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाए। एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटरों का नियमित संचालन सुनिश्चित करते हुए स्रोत पर कूड़ा पृथक्करण को बढ़ावा दिया जाए। सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था बनाए रखी जाए ।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि बाजारों, प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों एवं धार्मिक स्थलों की नियमित सफाई कराई जाए। कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई न दें तथा सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए तथा जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उपलब्ध बजट का समुचित एवं पारदर्शी उपयोग करते हुए जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नालों एवं नालियों की नियमित सफाई कराई जाए तथा जहां आवश्यकता हो वहां पंपिंग व्यवस्था भी संचालित रखी जाए।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि स्थानीय निकायों से संबंधित सभी जन शिकायतों एवं आईजीआरएस प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करें तथा प्रत्येक कार्य की सतत निगरानी रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नगर निकायों की वित्तीय स्थिति, कर वसूली, सार्वजनिक शौचालयों के बेहतर संचालन, पार्कों के रखरखाव, नगर सौंदर्यीकरण, अतिक्रमण नियंत्रण तथा अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप नगर क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सन्तोष कुमार मिश्रा, समस्त अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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