जंगली जानवरों से होने वाली क्षति पर सरकार देगी आर्थिक सहायता, वन विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:सीतामढ़ी बिहार
सीतामढ़ी। सीतामढ़ी वन प्रमंडल ने जिले के आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि वन क्षेत्र अथवा उसके आसपास जंगली जानवरों की गतिविधि से संबंधित किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दें। विभाग ने कहा है कि जंगली जानवरों से फसल, संपत्ति अथवा जान-माल को नुकसान होने पर पीड़ित परिवारों को सरकार के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जाती है।
वन प्रमंडल पदाधिकारी वन विभाग की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि बिहार सरकार किसानों एवं वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जंगली जानवरों के कारण होने वाली क्षति की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा या सहायता राशि का प्रावधान किया गया है।
मानव क्षति पर सहायता राशि
बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, गौर, जंगली सूअर, लकड़बग्घा, सियार, भेड़िया, गैंडा, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ एवं घड़ियाल आदि वन्यजीवों द्वारा शारीरिक क्षति होने की स्थिति में—
मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता पर ₹10 लाख
गंभीर रूप से घायल होने पर ₹1.44 लाख
सामान्य रूप से घायल होने पर ₹24 हजार की सहायता राशि का प्रावधान है।
पालतू पशुओं की मृत्यु पर भी सहायता
बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू एवं लकड़बग्घा आदि वन्यजीवों द्वारा पालतू पशुओं को मारे जाने पर भी निर्धारित सहायता दी जाती है। इसके तहत—
भैंस, गाय अथवा बैल की मृत्यु पर ₹24 हजार
भेड़ अथवा बकरी की मृत्यु पर ₹4,800
बकरी की मृत्यु पर ₹7,200 की सहायता राशि निर्धारित है।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर सहायता
हाथी, गौर एवं गैंडा द्वारा मकान को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति में भी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए ₹96 हजार, मिट्टी की दीवार पर खपड़ा/कोरुगेटेड शीट की छत वाले मकान के पूर्ण रूप से नष्ट होने पर ₹48 हजार, पक्के मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹48 हजार, कच्चे मकान के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹24 हजार तथा सामान्य रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए ₹12 हजार की सहायता राशि निर्धारित है।
फसल क्षति पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर
हाथी, घोड़ापड़ास एवं जंगली सूअर द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाए जाने पर ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।
वन विभाग ने किसानों एवं ग्रामीणों से अपील की है कि जंगली जानवरों के दिखने अथवा किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर स्वयं जोखिम न लें और तत्काल संबंधित वनकर्मियों या वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों एवं मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वन विभाग ने आम लोगों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बरतने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में सहयोग करने की अपील की है।


