
ऋषभ पंत ने आधी रात उत्तराखंड की बीजेपी सरकार से की ये शिकायत, मुख्यमंत्री धामी ने दिया जवाब
भारतीय विकेट कीपर ऋषभ पंत ने शुक्रवार देर रात उत्तराखंड की बीजेपी सरकार से एक शिकायत की है.
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: उत्तराखण्ड
ऋषभ पंत ने शुक्रवार रात 12:46 बजे एक्स पर एक पोस्ट में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित करते हुए लिखा है कि यहाँ ज़मीन ख़रीदने की प्रक्रिया में स्पष्टता को लेकर कई तरह की दिक़्क़ते हैं.
ऋषभ पंत ने एक्स पर लिखा है, ”हेलो सर, कैसे हैं आप? उत्तराखंड के होने के नाते काफ़ी समय से मेरी कोशिश है कि मैं अपना बेस दिल्ली से उत्तराखंड शिफ़्ट करूं, लेकिन यहां रहने के लिए अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है.”
”मेरा उत्तराखंड से बहुत लगाव है और मैं वापस अपने राज्य आकर रहना चाहता हूँ. आपसे विनम्र अनुरोध है कि ज़मीन ख़रीदने में मेरी मदद करें. ज़मीन ख़रीदने की प्रक्रिया में स्पष्टता को लेकर काफ़ी दिक्कतें हैं और तीन साल से कोशिश करने के बावजूद मुझे अब तक ज़मीन नहीं मिल पाई है.”
”मैंने उत्तराखंड को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया है और अब मैं अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस आकर राज्य के लिए कुछ करना और इसके विकास में योगदान देना चाहता हूँ. कृपया इस मामले को देखिए. आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा, सर.”
23 नवंबर 2025 को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय कप्तान ऋषभ पंत अपने साथी खिलाड़ी मोहम्मद सिराज से बात करते हुए
गिफ्ट में मांग रहे हैं ज़मीन
एक और पोस्ट में ऋषभ पंत ने लिखा है, ”अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार की ओर से कोई ज़मीन उपहार में मिल सके तो यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात होगी. लेकिन अगर आप अनुमति दें, तो मैं सरकार से ज़मीन उसके तय सरकारी रेट पर ख़रीदना चाहूंगा.”
”कम से कम इससे मैं अपने राज्य, अपने उत्तराखंड में अपना पहला घर बना सकूंगा. कृपया इस मामले में मेरी मदद कीजिए. सच कहूं तो मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि इस प्रक्रिया को कैसे आगे बढ़ाऊं.”
ऋषभ पंत की इस पोस्ट का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जवाब दिया है. धामी ने लिखा है, ”प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं. आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है. अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहाँ वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है.”
