
देश की सबसे लंबी रेल सुरंग का निर्माण दिसंबर तक होगा पूरा, जनवरी से बिछेगा डबल ट्रैक
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड
श्रीनगर गढ़वाल। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत देवप्रयाग-जनासू के बीच बन रही देश की सबसे लंबी रेल सुरंग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। 14.58 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी ने दिसंबर 2026 तक सुरंग का काम पूरा कर रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद जनवरी 2027 से सुरंग के अंदर डबल रेल ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
इन दिनों सुरंग के अंदर लाइनिंग, फिनिशिंग, बिजली लाइन और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े काम तेजी से चल रहे हैं। परियोजना की अन्य सुरंगों और पुलों का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
16 सुरंगों और 19 पुलों से गुजरेगी रेल
125.20 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का सिविल कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परियोजना का करीब 83 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। रेल लाइन में कुल 16 सुरंगों और 19 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। स्टेशनों का निर्माण कार्य भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।
टीबीएम से खोदी गई 10.47 किमी सुरंग
देवप्रयाग-जनासू सुरंग के निर्माण में सिंगल-शील्ड टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। भारत में रेल सुरंग निर्माण में इस तकनीक का पहली बार प्रयोग किया गया। जर्मनी से लाई गई 9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल-शील्ड रॉक टीबीएम का नाम ‘शक्ति’ रखा गया था।
टीबीएम से करीब 10.47 किलोमीटर सुरंग की खुदाई की गई। मशीन ने औसतन 413 मीटर प्रतिमाह सुरंग निर्माण किया। शेष हिस्से का निर्माण ड्रिल एंड ब्लास्ट तथा एनएटीएम तकनीक से किया गया। 16 अप्रैल 2025 को सुरंग को आर-पार करने में सफलता मिली थी।



