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सीतामढ़ी: डीएम रिची पाण्डेय ने सीएचसी बैरगनिया का किया औचक निरीक्षण, संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर

सीतामढ़ी: डीएम रिची पाण्डेय ने सीएचसी बैरगनिया का किया औचक निरीक्षण, संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:सीतामढ़ी बिहार 

सीतामढ़ी,। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं और संस्थागत प्रसव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बैरगनिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, बिजली आपूर्ति, जांच सुविधाओं, कर्मियों की उपस्थिति, आशा कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली और गर्भवती महिलाओं के फॉलो-अप सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

आशा बहाली की जांच के निर्देश

डीएम ने पिछले वर्ष हुई आशा कार्यकर्ताओं की बहाली प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने जिला योजना पदाधिकारी सह नोडल आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड संतोष कुमार सुमन को आशा बहाली की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में स्वच्छ वातावरण मरीजों के उपचार और संक्रमण नियंत्रण के लिए बेहद जरूरी है।

 

बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सिविल सर्जन कार्यालय, सीतामढ़ी को संबंधित एजेंसी में बदलाव के लिए आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र भेजने का निर्देश दिया।

जांच सुविधाओं का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश

डीएम ने अस्पताल में पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाओं की भी समीक्षा की। मरीजों की संख्या की तुलना में कम जांच होने पर उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को SOP के अनुसार सभी आवश्यक जांच नियमित रूप से कराने का निर्देश दिया।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मरीज आवश्यक जांच से वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि समय पर जांच से बीमारी की पहचान और उपचार में मदद मिलती है।

संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर विशेष जोर

मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित जांच, High-Risk Pregnancy की निगरानी और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, जीएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वय से संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

EDD के आधार पर गर्भवती महिलाओं का फॉलो-अप

प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक को सभी आशा फैसिलिटेटरों की साप्ताहिक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रत्येक गर्भवती महिला की स्थिति की समीक्षा, प्रसव की संभावित तिथि (EDD) के अनुसार फॉलो-अप और प्रसव नजदीक आने वाली महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

 

डीएम ने कहा कि आशा नेटवर्क को सक्रिय बनाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सकता है और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा सकता है।

बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

जिला पदाधिकारी ने अस्पताल के सभी चिकित्सकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक प्रणाली से दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे समयपालन, जवाबदेही और कार्य संस्कृति में सुधार होगा तथा अस्पताल की सेवाओं का संचालन अधिक पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।

 

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, स्वच्छता, बिजली व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार गौड़, अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी तथा पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम लीड रोहित कुमार और अविनाश कुमार उपस्थित रहे।

डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समन्वित प्रयासों से बैरगनिया क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव का लाभ मिल सकेगा।

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