
येरवडा मध्यवर्ती कारागृह में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर येरवडा मध्यवर्ती कारागृह परिसर में देशभक्ति और उत्साह के माहौल में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक तथा कारागृह एवं सुधार सेवा के महानिरीक्षक डॉ. सुहास वारके के हाथों राष्ट्रध्वज फहराया गया और तिरंगे को सलामी दी गई।
समारोह में विशेष कारागृह महानिरीक्षक योगेश देसाई, येरवडा मध्यवर्ती कारागृह के अधीक्षक, अधिकारी-कर्मचारी तथा कारागृह मुख्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए डॉ. सुहास वारके ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, ईमानदारी और समर्पित सेवाभाव ही राष्ट्रसेवा की वास्तविक पहचान है। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कारागृह एवं सुधार सेवा विभाग द्वारा राज्य की जेलों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास के लिए विभिन्न उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बंदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और उनके पुनर्वास के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा तथा कारागृह एवं सुधार सेवा विभाग के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान महाराष्ट्र कारागृह विभाग में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सुभेदार संजीव सखाराम घाणेकर, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह के हवलदार संजय सखाराम तलावरे, भायखला जिला कारागृह के अधीक्षक विकास हनुमंत रजनळकर तथा येरवडा मध्यवर्ती कारागृह के हवलदार महेश लक्ष्मण गडनाईक को पुष्पगुच्छ एवं प्रशंसापत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डॉ. सुहास वारके ने पदक प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनकी उल्लेखनीय, गुणवत्तापूर्ण और समर्पित सेवा की सराहना की। समारोह के दौरान कारागृह विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह एवं देशसेवा की भावना देखने को मिली।



