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हर दुर्घटना का विश्लेषण करके उसके कारण तलाशें तथा सुधार करें – न्यायाधीश श्री सप्रे

हर दुर्घटना का विश्लेषण करके उसके कारण तलाशें तथा सुधार करें – न्यायाधीश श्री सप्रे

सड़क दुर्घटना रोकने के लिए संवदेनशीलता और जिम्मेदारी से प्रयास करें – श्री सप्रे

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

 

रीवा . सुप्रीम कोर्ट ऑन रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री अभय मनोहर सप्रे ने कहा कि रीवा जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है। सड़क दुर्घटना के कई कारण होते हैं। खराब सड़क, ब्लैक स्पॉट, नशे में वाहन चलाना, यातायात नियमों का पालन न करना और ओव्हर स्पीड दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। पुलिस अधिकारी हर सड़क दुर्घटना का विश्लेषण करें। दुर्घटना के समय वाहन का प्रकार, उसकी गति तथा अन्य बातों का विश्लेषण करें। वाहन चालक नशे में तो नहीं था। विश्लेषण के बाद जो कारण सामने आए उसे सुधारने का प्रयास करें। इससे 50 से 70 प्रतिशत तक दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी।

 

न्यायाधीश श्री सप्रे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से कार्य करें। भारत में हर वर्ष 5 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें दो लाख से अधिक मौतें होती हैं। इसके साथ-साथ लाखों लोग घायल होते हैं। सुप्रीम कोर्ट में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए जनहित याचिका 2013 में दायर की गई। इसका संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं की निगरानी शुरू की है। सुरक्षात्मक उपाय और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराकर कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। दुर्घटना पीड़ितों को तत्परता से उपचार सहायता देकर भी मौतों को रोका जा सकता है।

 

बैठक में श्री सप्रे ने कहा कि कलेक्टर जिले के दोपहिया वाहन उपयोग करने वाले सभी शासकीय कर्मियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य करें। कालेज और स्कूल में दोपहिया वाहन से आने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति हेलमेट लगाने पर ही मान्य हो। हेलमेट न लगाने वाले दोपहिया वाहन चालक तथा सीटबेल्ट का उपयोग न करने वाले वाहन चालकों पर चालानी कार्यवाही करें। शिक्षण संस्थानों में यातायात जागरूकता का अभियान चलाएं। सड़क निर्माण से जुड़े विभाग चिन्हित ब्लैक स्पाटों में तत्काल सुधार कराएं। जहाँ दुर्घटना की आशंका है वहाँ हाईवे से मिलने वाली ग्रामीण सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाएं। सड़क सुरक्षा समिति की हर माह बैठक कर उसके निर्णयों को कठोरता से लागू कराएं। सड़कों में सुधार और सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए भी प्रभावी उपाय करें।

 

बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि सड़क सुरक्षा समिति की हर माह बैठक आयोजित की जाती है। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिले के तीन ब्लैक स्पाटों में सड़क में सुधार किया गया है। सोहागी घाटी में सुधार का कार्य जारी है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरूकरण सिंह ने बताया कि गत 5 वर्ष की सड़क दुर्घटनाओं का वर्षवार विश्लेषण किया गया है। 2022 से सड़क दुर्घटनाओं में लगातार कमी आई है। लेकिन 2025 में दुर्घटनाएं पुन: बढ़ीं। इन्हें कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वाधिक दुर्घटनाएं दोपहिया वाहन से हो रही हैं। अधिक स्पीड और ओवरटेकिंग दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। बैठक में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी, सीएसपी राजीव पाठक, एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी, यातायात प्रभारी अनिमा शर्मा तथा समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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