
टेक्नोलॉजी-आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्क ने फ्रेश इश्यू के जरिए 2,600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए यूडीआरएचपी फाइल किया
– वित्त वर्ष 2026 में ऑपरेशन से कमाई 40.43% बढ़कर 15,913 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी, पावर ट्रांसमिशन और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में हुई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा।
– वित्त वर्ष 2024 के बाद से ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में जबरदस्त सुधार हुआ है। एडजस्टेड एबिट्डा 4.3 गुना बढ़कर 421 करोड़ रुपये हो गया और एडजस्टेड प्राफिट बिफोर टैक्स 248.8 करोड़ रुपये के नुकसान से सुधर कर 45.7 करोड़ के मुनाफे में आ गया।
– वित्त वर्ष 2024 की तुलना में वित्त वर्ष 2026 में मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डरबुक दोगुनी होकर 12,370 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2026 में मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की कुल कमाई में इंटरनेशनल मार्केट का योगदान लगभग 30% रहा ।
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
भारत और दुनिया भर में इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर गुड्स के लिए टेक्नोलॉजी-बेस्ड, एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्क ने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (यूडीआरएचपी) फाइल किया है।
कंपनी थर्ड-पार्टी सप्लायर्स के नेटवर्क और अपनी खुद की सुविधाओं की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को एक “यूनिवर्सल फैक्टरी” में जोड़ती है, जो जेटवर्क ओएस (इसकी अपनी टेक्नोलॉजी बैकबोन) के जरिए एक साथ जुड़ी हुई है। इसके ग्राहकों में यूटिलिटीज, रिन्यूएबल्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरोस्पेस, स्पेस और डिफेंस, ऑयल और गैस और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे सेक्टर शामिल हैं।
जेटवर्क दो मुख्य बिजनेस सेगमेंट चलाता है। मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस, जो ग्राहकों को अपने सप्लायर नेटवर्क और अपनी सुविधाओं के जरिए इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर प्रोडक्ट बनाने में मदद करता है और इकोसिस्टम बिजनेस, जिसे Terra91 ब्रांड के तहत चलाया जाता है, जो ग्राहकों के लिए इंडस्ट्रियल कमोडिटीज को इकट्ठा और सोर्स करता है। एक तीसरा सेगमेंट, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर वर्क्स को वित्त वर्ष 2026 में बंद कर दिया गया था ताकि मुख्य सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रणनीतिक रूप से बदलाव किया जा सके।
प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में 1 रुपये फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों का नया इश्यू शामिल है, जिसकी कुल वैल्यू 2,600 करोड़ रुपये तक होगी। साथ ही, इसमें सेलिंग शेयरहोल्डर्स द्वारा 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 96,837,455 इक्विटी शेयरों तक का ‘ऑफर फॉर सेल’ भी शामिल है।
जेटवर्क की योजना है कि आईपीओ से मिलने वाली नेट रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने में किया जाए। इसमें कंपनी के स्तर पर 1,250 करोड़ रुपये और सब्सिडियरी कंपनियों के स्तर पर 550 करोड़ रुपये की योजना है। बाकी बची रकम का इस्तेमाल अज्ञात अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा।
कंपनी के प्रमोटर अमृत प्रतीक आचार्य और श्रीनाथ रामकृष्णन हैं, जो दोनों आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र हैं। लगभग 8 वर्षों से काम कर रही यह कंपनी भारत, अमेरिका, जर्मनी और स्पेन में अपनी 26 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और कई देशों में 6,979 थर्ड-पार्टी सप्लायर्स के नेटवर्क को एक साथ जोड़कर एक यूनिफाइड मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क बनाती है।
यह कंपनी हाइब्रिड मैन्युफैक्चरिंग मॉडल अपनाती है। इससे इसे डिस्ट्रिब्यूटेड नेटवर्क की स्केलेबिलिटी का फायदा मिलता है यानी बिना ज्यादा कैपिटल लगाए थ
र्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरर्स की क्षमता का



