
कलेक्टर के निर्देश जल सुरक्षा अभियान तेज, नईगढ़ी-हनुमना में पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन
जलजनित संक्रमण की रोकथाम के साथ हैंडपंप सुधार एवं ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति किया जा रहा जागरूक
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज: कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देशानुसार वर्षा ऋतु के बाद पेयजल स्रोतों को संक्रमण से सुरक्षित रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल सुरक्षा एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के नईगढ़ी एवं हनुमना विकासखंडों में विभागीय टीमों द्वारा सार्वजनिक हैंडपंपों एवं अन्य पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन, निरीक्षण तथा आवश्यक सुधार कार्य किया जा रहा है।
विभागीय टीम द्वारा सार्वजनिक हैंडपंपों एवं पेयजल स्रोतों में निर्धारित मात्रा में ‘जर्मेक्स’ दवा का रासायनिक उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा स्रोतों को दूषित होने से बचाने के उपायों का भी मौके पर निरीक्षण किया जा रहा है। खराब अथवा आवश्यक सुधार वाले हैंडपंपों को दुरुस्त करने की कार्यवाही भी की जा रही है।
अभियान के दौरान विभागीय अमले द्वारा ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग के संबंध में आवश्यक सावधानियां बरतने की समझाइश दी जा रही है। नागरिकों से कहा गया है कि पीने के लिए केवल विभागीय टीम द्वारा चिन्हित एवं उपचारित जल स्रोतों के पानी का ही उपयोग करें। पेयजल को उपयोग से पूर्व 10 से 15 मिनट तक उबालकर, छानकर एवं ठंडा करने के बाद ही सेवन करें।
जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए उनके आसपास कपड़े धोने, नहाने तथा मवेशियों को नहलाने से बचने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है। पानी के स्वाद, रंग अथवा गंध में किसी प्रकार का असामान्य परिवर्तन दिखाई देने पर उसका सेवन नहीं करने तथा तत्काल विभागीय टीम को सूचना देने की समझाइश भी दी जा रही है।
विभाग द्वारा ग्रामीण परिवारों को घरों में पेयजल के सुरक्षित भंडारण के लिए साफ-सुथरे एवं ढक्कनदार बर्तनों का उपयोग करने तथा पानी निकालने के लिए लंबे हैंडल वाले साफ बर्तन का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य वर्षा ऋतु के बाद संभावित जलजनित संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं उपचारित पेयजल का ही उपयोग करें और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।



