
आदर्श शिक्षकों और प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, उपमुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है और शिक्षक राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति हैं। शिक्षकों को विद्यार्थियों में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सत्यनिष्ठा, देशप्रेम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी विकसित करना चाहिए। यह बात उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने जिला परिषद की ओर से आयोजित आदर्श शिक्षक पुरस्कार, अध्यक्ष चषक और छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि पुणे शिक्षा की पंढरी है। महात्मा ज्योतिबा फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले ने इसी भूमि से शिक्षा की अलख जगाई। शिक्षक समाज और राष्ट्र के शिल्पकार हैं तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उनकी अहम भूमिका है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षकों को आधुनिक तकनीक अपनानी चाहिए। विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा के साथ समस्या समाधान, टीमवर्क और मूल्य आधारित शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ने, सवाल पूछने, स्वयं की राय बनाने और असफलता से नहीं डरने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद के स्कूलों में कंप्यूटर कक्ष, ई-लर्निंग और डिजिटल कक्षाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों की गुणवत्ता बढ़ाना जिला परिषद की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के बाद जिला परिषद स्कूलों में 436 नए शिक्षक नियुक्त होंगे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया कि राज्य की गुणवत्ता सूची में शामिल विद्यार्थियों में करीब 50 प्रतिशत विद्यार्थी पुणे जिला परिषद के स्कूलों से हैं। इस अवसर पर 53 शिक्षकों, 522 प्रतिभावान विद्यार्थियों और अध्यक्ष चषक प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को सम्मानचिह्न एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला परिषद के पदाधिकारी, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


