
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी महोदय ने दिए आवश्यक निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा- जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस-2026 के आयोजन एवं विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिये आयुर्वेद” (Ayurveda for a Healthier Tomorrow) निर्धारित है।
बैठक में जनपद में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि ग्राम चौपालों के माध्यम से “आयुष आपके द्वार” कार्यक्रम प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएं। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) से समन्वय स्थापित कर ग्राम चौपालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों को कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए। चौपालों में दिनचर्या, ऋतुचर्या, आयुर्वेद आधारित पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 25, 26 एवं 28 सितंबर को पोषण एवं आयुर्वेद से संबंधित कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं तथा इनमें बच्चों, महिलाओं एवं अभिभावकों को आयुर्वेद आधारित पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाए। प्रत्येक आयुष चिकित्सालय के क्षेत्र में औषधीय पौधों का वितरण एवं रोपण कार्यक्रम कराया जाए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रमों में आमंत्रित कर लोगों को औषधीय पौधों के उपयोग एवं उनके लाभों की जानकारी दी जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद के समस्त विद्यालयों में 22 सितंबर को प्रातः 09 बजे रंगोली, स्लोगन, हर्बल गार्डन विषय पर आशु भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद, औषधीय पौधों, पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में जानकारी देने के साथ उन्हें कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से सहभागी बनाया जाए।
किसी भी कॉलेज में “स्वस्थ भविष्य के लिये आयुर्वेद” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। वहीं 23 सितंबर को प्रातः 08 बजे से 10 बजे तक “Run for Ayurveda”, आयुर्वेद दिवस का मुख्य कार्यक्रम एवं आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी महोदय ने कार्यक्रम स्थल एवं रैली मार्ग का शीघ्र निर्धारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि “Run for Ayurveda” में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, एनसीसी एवं स्काउट के प्रतिभागियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने बैठक में मानसिक स्वास्थ्य को भी कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेजों एवं शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ऐसे विद्यार्थियों की पहचान की जाए जिन्हें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। ऐसे विद्यार्थियों को उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार एवं परामर्श दिलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के अंतर्गत लगाए जाने वाले शिविर स्वच्छ, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो तथा मानक एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी महोदय ने आयुष एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को निर्देश दिए कि आयुर्वेद चिकित्सा एवं नवीनतम शोध एवं अनुसंधान से निरंतर अपडेट रहें। उन्होंने कहा कि नई शोध, उपचार पद्धतियों एवं वैज्ञानिक प्रमाणों का अध्ययन करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
उक्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ राजेश कुमार, आयुष विभाग के डॉक्टर सहित संबंधित विभाग अधिकारीगण उपस्थिति रहे।



