
जिलाधिकारी ने पीएम श्री विद्यालय कंचौसी का किया निरीक्षण, नियमित छात्र उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर।
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया,। जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने जनपद में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विकासखंड भाग्यनगर स्थित पीएम श्री विद्यालय, कंचौसी का स्थलीय निरीक्षण कर शैक्षिक गुणवत्ता, छात्र-उपस्थिति, अधिगम स्तर, स्मार्ट क्लास तथा खेलकूद संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए नियमित उपस्थिति, स्वच्छता, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुल 260 पंजीकृत छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 183 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए।इस पर जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी संजीव कुमार को निर्देशित किया कि नामांकित सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद शिक्षकगण अनियमित या अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर उन्हें बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें। साथ ही अभिभावकों के साथ सतत संवाद बनाकर बच्चों की शैक्षिक प्रगति एवं उपस्थिति की नियमित समीक्षा भी की जाए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया तथा पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके अधिगम स्तर का परीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के उत्तरों के आधार पर उनकी विषयगत समझ का मूल्यांकन किया, जिसमें विद्यार्थियों का अधिगम स्तर कक्षानुरूप संतोषजनक पाया गया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता एवं गति के अनुरूप शिक्षण कार्य किया जाए तथा जिन विद्यार्थियों को किसी विषय या अवधारणा को समझने में कठिनाई हो, उन्हें अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग प्रदान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास का भी अवलोकन किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए शिक्षण को अधिक रुचिकर और परिणामोन्मुख बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का वास्तविक उद्देश्य बच्चों के अधिगम स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है।
विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपलब्ध इनडोर खेल सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कुश्ती, बॉक्सिंग सहित अन्य खेल गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया जाए, क्योंकि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, शारीरिक दक्षता और टीम भावना के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
निरीक्षण के दौरान बालवाटिका कक्षा के बाहर वर्षा का पानी जमा मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी भाग्यनगर को मौके पर ही साफ-सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो और विद्यालय परिसर स्वच्छ एवं सुरक्षित बना रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में संचालित सभी गतिविधियों का मूल उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सुगम और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराते हुए उसके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक डीआरडीए एवं जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार मौर्य, खंड विकास अधिकारी भाग्यनगर अतुल यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


