
आजीविका मिशन से बदली कल्पना की जिंदगी, दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता की राह
बजरंगबली समूह की महिलाओं की मेहनत रंग लाई, 20 हजार रुपए से अधिक की मासिक आय
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . ग्राम पंचायत पताई विशेशर की श्रीमती कल्पना दुबे वर्ष 2015 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। आजीविका मिशन से जुड़कर उन्होंने बचत, ऋण एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी हासिल की और पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को आय का साधन बनाया। कल्पना बजरंगबली स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। आजीविका मिशन से समूह को आरएफ एवं सीआईएफ के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता ने महिलाओं को आजीविका गतिविधियां शुरू करने में सहयोग दिया। समूह की महिलाएं वर्तमान में करीब 25 से 30 भैंसों और 10 से 15 गायों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन कर रही हैं। इससे प्रत्येक महिला को 20 हजार रुपए से अधिक की मासिक आय प्राप्त हो रही है।
कल्पना बताती हैं कि आजीविका मिशन ने आर्थिक सहयोग के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। अब वे अपने आर्थिक फैसले स्वयं लेने और परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी हैं। उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बन रही है।


