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वन स्टॉप सेंटर रीवा की पहल से माँ को मिला अपना परिवार

सफलता की कहानी

वन स्टॉप सेंटर रीवा की पहल से माँ को मिला अपना परिवार

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान रीवा मध्य प्रदेश 

  रीवा . जिसका कोई सहारा नहीं होता, उसका सहारा ईश्वर होता है, यह कथन उस समय सार्थक प्रतीत हुआ, जब एक 60 वर्षीय महिला अपने परिवार से बिछड़कर भटकती हुई अवस्था में रीवा के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मिली। महिला को थाना गोविंदगढ़ पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं अस्थायी आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से 18 सितंबर को वन स्टॉप सेंटर, रीवा लाया गया। सेंटर में महिला की स्थिति को देखते हुए वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रुति मिश्रा एवं सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर शिवानी द्विवेदी द्वारा महिला को सुरक्षित एवं सहज वातावरण उपलब्ध कराया गया।

वन स्टॉप सेंटर की टीम द्वारा महिला की निरंतर देखभाल एवं संवेदनशीलता के साथ काउंसलिंग की गई। प्रारंभ में महिला अपने नाम, पता एवं परिवार के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं थीं। टीम द्वारा धैर्यपूर्वक बातचीत एवं लगातार काउंसलिंग के माध्यम से महिला से उनके नाम, निवास स्थान तथा परिवार के सदस्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया। अंततः महिला अपना नाम शकुंतला गुप्ता बताई और समस्त थाने में सम्पर्क कर महिला की जानकारी प्रेषित की गई।

लगातार किए गए प्रयासों के फलस्वरूप महिला से उनके परिवार एवं निवास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। वन स्टॉप सेंटर की टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए गए। कई प्रयासों के बाद महिला की बेटी, बेटे एवं परिवार के अन्य सदस्य वन स्टॉप सेंटर, रीवा पहुंचे। परिजनों द्वारा महिला की पहचान किए जाने के पश्चात आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर महिला को उनके परिवारजनों के साथ 22 सितंबर सुरक्षित रूप से घर भेजा गया। लंबे समय से परिवार से बिछड़ी महिला का अपने परिजनों से पुनर्मिलन सेंटर की पूरी टीम के लिए अत्यंत भावुक एवं संतोषजनक क्षण रहा। महिला के परिजनों द्वारा वन स्टॉप सेंटर रीवा की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किए गए संवेदनशील एवं सराहनीय प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार जरूरतमंद महिलाओं को सहायता एवं सुरक्षा प्रदान करने हेतु शुभकामनाएं दी गईं। यह प्रकरण इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशीलता, धैर्य, निरंतर काउंसलिंग एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बिछड़े हुए परिवार को पुनः जोड़ा जा सकता है। वन स्टॉप सेंटर रीवा की टीम द्वारा किए गए इस प्रयास ने न केवल एक महिला को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया, बल्कि उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाकर उनके जीवन में पुनः अपनत्व और सुरक्षा का भाव स्थापित किया।

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