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पुणे जिले के सभी 121 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे ‘मॉडल पीएचसी’

पुणे जिले के सभी 121 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे ‘मॉडल पीएचसी’

 

आधुनिक बुनियादी सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को उनके घर के नजदीक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुणे जिला परिषद की ओर से ‘पुणे मॉडल पीएचसी परियोजना’ लागू की जा रही है। इस परियोजना के तहत जिले के सभी 121 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को चरणबद्ध तरीके से ‘मॉडल पीएचसी’ में विकसित किया जा रहा है।

 

जिले के 121 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 55 केंद्रों को पिछले वर्ष मॉडल पीएचसी में परिवर्तित किया जा चुका है, जबकि शेष केंद्रों को इस वर्ष विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों का विकास भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों (IPHS) के नवीनतम मानकों के अनुसार किया जा रहा है।

 

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्वास्थ्य केंद्र

 

मॉडल पीएचसी परियोजना के तहत केवल भवनों का नवीनीकरण ही नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को आधुनिक एवं नागरिक केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, मॉड्यूलर प्रसूति कक्ष, आधुनिक फर्नीचर, विशाल प्रतीक्षालय और बेहतर कॉरिडोर सहित मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ, आरामदायक और बेहतर स्वास्थ्य वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

 

डिजिटल होगी अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था

 

मॉडल पीएचसी में अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (Hospital Information Management System) लागू की जा रही है। इसके माध्यम से मरीजों की जानकारी, स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थान की विभिन्न प्रक्रियाओं का डिजिटल तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे सूचना संकलन, सेवा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

 

गुणवत्ता मानकों पर विशेष जोर

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता मानकों को लागू करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को NABH मान्यता, जबकि 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।

 

इन मान्यताओं से मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता, सेवा प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रबंधन से जुड़े निर्धारित मानकों को लागू करने में मजबूती मिली है।

 

तीन केंद्रों में टेलीमेडिसिन सुविधा

 

दुर्गम एवं जरूरतमंद क्षेत्रों के नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने के लिए जिले के 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू की गई है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपचार लेने वाले मरीज आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों से दूरस्थ माध्यम से परामर्श ले सकेंगे।

 

सरकारी निधि के साथ CSR का भी उपयोग

 

मॉडल पीएचसी परियोजना के लिए जिला योजना समिति (DPC), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और जिला परिषद सेस निधि का समन्वय से उपयोग किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार फर्नीचर, उपकरण और अन्य सुविधाओं के लिए जिला परिषद सेस निधि का पूरक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

इसके अलावा CSR निधि के माध्यम से चिकित्सा उपकरणों के साथ-साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों के सौर विद्युतीकरण के लिए भी सहयोग लिया जा रहा है। सरकारी और CSR निधि के समन्वित उपयोग से ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण को गति मिल रही है।

 

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

 

डोंगराळ, दुर्गम और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों के नागरिकों सहित ग्रामीण आबादी को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और भरोसेमंद प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।

 

अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक प्रसूति कक्ष, बेहतर फर्नीचर, विशाल प्रतीक्षालय, अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली, टेलीमेडिसिन सुविधा और राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता मानकों के माध्यम से पुणे जिला परिषद ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

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