
औरैया में गांधी जयंती व शास्त्री जयंती पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने किया माल्यार्पण
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिवस के अवसर पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने देश की आजादी के संघर्ष में अमूल्य योगदान देने के साथ-साथ सामाजिक जीवन में परिवर्तन और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त किया। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, ग्राम स्वराज एवं आत्मनिर्भरता उनके विचारों के महत्वपूर्ण आधार थे। गांधी जी ने केवल राजनीतिक स्वतंत्रता की बात नहीं की, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान एवं उत्थान का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व इतना महान था कि महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी उनके व्यक्तित्व की असाधारणता को रेखांकित किया था। गांधी जी के विचार आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा गांवों को आत्मनिर्भर बनाने, स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता दिखाई देती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने अल्प कार्यकाल में सादगी, ईमानदारी, नैतिकता, साहस एवं राष्ट्रभक्ति के ऐसे आदर्श स्थापित किए, जो आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने आजादी से पूर्व देश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, वहीं शास्त्री जी ने आजादी के बाद देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शास्त्री जी की ईमानदारी एवं नैतिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के कठिन समय में उन्होंने देशवासियों में आत्मविश्वास एवं राष्ट्रभावना का संचार किया तथा खाद्यान्न संकट के समय स्वयं संयम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए देशवासियों से भी सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी एवं शास्त्री जी की विशेषता यह थी कि वे केवल उपदेश नहीं देते थे, बल्कि जिन सिद्धांतों की बात करते थे, उन्हें पहले स्वयं अपने जीवन में अपनाते थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अनेक प्रेरणादायी पक्ष हैं। आज के दिन हमें उनके विचारों एवं आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता, सादगी, ईमानदारी, नैतिकता एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नीरज प्रसाद पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। गांधी जी ने सत्य एवं अहिंसा के माध्यम से देश और समाज को नई दिशा प्रदान की, वहीं शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा से सार्वजनिक जीवन के उच्च आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के निर्माण में मार्गदर्शक हैं। हम सभी को उनके आदर्शों को अपने दैनिक जीवन एवं कार्यशैली में अपनाते हुए समाजहित और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।



